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Bareilly News: तीन सौ बेड अस्पताल में ओपीडी ठप, ताले तोड़कर लगानी पड़ी एआरवी

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बरेली। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के दावे तीन सौ बेड अस्पताल में दरकिनार हैं। शनिवार को आधे दिन की ड्यूटी के निर्देश के बावजूद ओपीडी नहीं हुई। हालात यह रहे कि कुत्ते के हमले में जख्मी लोगों को क्लीनिक का ताला तोड़कर एआरवी लगानी पड़ी।
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शासनादेश के तहत दशहरा पर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित था। हालांकि, आवश्यक सेवाओं को जारी रखने के निर्देश भी थे। लिहाजा, तीन सौ बेड अस्पताल, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में आधे दिन की ओपीडी संचालित की जानी थी। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में ओपीडी का संचालन हुआ।
यहां क्रमश: 120 और 80 मरीज देखे गए, पर तीन सौ बेड अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ ग्रुप में एक डॉक्टर ने अवकाश का मेसेज कर दिया। लिहाजा, डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल नहीं पहुंचा। इससे अनजान मरीज जब अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्हें डॉक्टर मिले ही नहीं।
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अस्पताल में अवकाश की जानकारी मिलने पर कई मरीज लौट गए। हालांकि, कुत्ते के हमले में जख्मी लोग एआरवी क्लीनिक के पास जा डटे। सीएमएस ने चिकित्सक से संपर्क किया तो पता चला कि वे शहर से बाहर हैं। फिर क्लीनिक का ताला तुड़वाया और परिसर में रह रही नर्स से एआरवी लगवाई।

डॉक्टर ने डाला था मेसेज, सीएमएस नाराज
बताया जाता है कि आधे दिन की ओपीडी के बजाय अवकाश का मेसेज डालने पर संबंधित डॉक्टर और सीएमएस से नोकझोंक भी हुई। डॉक्टर ने लगातार कई दिन से सभी त्योहारों में ड्यूटी लगाए जाने का विरोध जताया। इसलिए उन्होंने अवकाश के संबंध में मेसेज डालने की बात कही। जिस पर नाराजगी जताते हुए सीएमएस ने सीएमओ को मामले की जानकारी दी।

वार्ड बॉय के न पहुंचने पर तोड़ा ताला
सीएमएस डॉ. इंतजार हुसैन के मुताबिक चिकित्सक के अवकाश के चलते ओपीडी नहीं हो सकी। पर एआरवी लगवाई गई। जिस वार्ड बॉय के पास चाबियां थीं, वह अवकाश पर था। एआरवी इमरजेंसी की श्रेणी में है। इसे लगाने में देरी ठीक नहीं। इसलिए वैक्सीन कक्ष का ताला तोड़ा गया। नर्स ने करीब 60 लोगों को वैक्सीन लगाई। नया ताला लगवाया गया है। अमर उजाला ब्यूरो
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