बरेली। विवेचक ने ठगी के शिकार पीड़ित का ही नाम चार्जशीट में शामिल कर दिया। एसएसपी से शिकायत के बाद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचक के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मोहरनियां निवासी छत्रपाल ने तुला शेरपुर में एक प्लॉट शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद निवासी रामरहीस से खरीदा था। कुलदीप सक्सेना के कहने पर रामरहीस को चेक और कैश के जरिये 12 लाख रुपये दिए थे। जानकारी करने पर पता चला कि इन लोगों ने यह प्लॉट सुमित सक्सेना को पहले ही बेच दिया था। दाखिल खारिज नहीं हुआ, तो प्लॉट दोबारा छत्रपाल को बेच दिया। सुमित सक्सेना ने रामरहीस, कुलदीप सक्सेना और उनके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
मामले की जांच कर रहे विवेचक पर आरोप है कि उन्होंने मुकदमे में नाम न होने के बाद भी छत्रपाल का नाम चार्जशीट में शामिल कर दिया, जबकि उनको भी रामरहीस और कुलदीप ने ही ठगा था। कुलदीप और रामरहीस ने छत्रपाल से रंगदारी मांगी और पिटाई की। एसएसपी के आदेश पर इज्जतनगर थाने में रामरसीस और कुलदीप सक्सेना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।