परीक्षा केंद्रों के भीतर मुस्तैदी, बाहर कोविड प्रोटोकॉल की अनदेखी
बरेली। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी एनडीए की परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। कोरोना का खौफ कहें या अधूरी तैयारी परीक्षा में 52 फीसदी अभ्यर्थी ही शामिल हुए। केंद्र पर प्रवेश के दौरान स्थिति सामान्य रही मगर परीक्षा समाप्त होने के बाद कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराना प्रशासन के लिए चुनौती बना रहा। सड़कों पर एक साथ सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थियों की मौजूदगी से कुछ देर तक जाम का माहौल भी बना रहा।
रविवार को जिले में 32 केंद्रों पर एनडीए परीक्षा के लिए 14,444 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पहली पाली में 7569 और दूसरी पाली में 7546 अभ्यर्थी ही शामिल हुए, जिसके अनुसार करीब 52 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और 48 फीसदी से ज्यादा ने परीक्षा से किनारा कर लिया।
बताया कि दोनों पालियों में किसी भी केंद्र से किसी तरह की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हुई। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी लगे थे। पुलिस सुरक्षा मुस्तैद थी। सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट समेत प्रशासनिक अफसर ने भी केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
केंद्र के बाहर लगी लंबी कतारें
सुबह की पाली में बरेली कॉलेज परीक्षा केंद्र पर लंबी कतारें लगी रहीं। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद दो गज दूरी बनाते हुए जांच हुई। प्रवेश पत्र के साथ मास्क, सैनिटाइजर, ग्लब्स लेकर पहुंचे छात्रों को एंट्री दी जाती रही। प्रत्येक केंद्र पर एक एसडीएम निरीक्षण अधिकारी के रूप में तैनात रहे। इसके अलावा अन्य पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
तैयारी में अड़चन बना कोरोना
परीक्षा में शामिल हुए परीक्षार्थियों से बात की गई तो उन्होंने कोरोना के चलते परीक्षा की तैयारी प्रभावित होने की बात कही। बताया कि पहले संक्रमण को लेकर मानसिक तनाव हावी रहा क्योंकि सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए। जिसके चलते जिस स्तर की तैयारी होनी चाहिए थी वह नहीं कर सके। उत्तराखंड से आए दिनेश भट्ट, रिठौरा के नाजिम, इरफान और आंवला के वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पहली पाली का पेपर आसान था मगर दूसरी पाली का प्रश्नपत्र कठिन था। हालांकि, जो सही लगा वह लिखा गया।