बरेली मंडल में पांच लोकसभा सीटें हैं, लेकिन इन सीटों पर अब तक महिलाओं की हिस्सेदारी बेहद कम रही है। मंडल से अब तक सिर्फ पांच महिलाएं ही सांसद चुनी गई हैं।
लोकतंत्र के उत्सव में बरेली मंडल में आधी आबादी का योगदान 46 फीसदी से अधिक है लेकिन उनको इस अनुपात में सियासी हिस्सेदारी नहीं मिल सकी है। उनके वोट बटोरने के लिए राजनीतिक दल उनके हित की बातें करते हैं। उनके लिए योजनाएं लेकर आते हैं लेकिन बात जब सियासी हिस्सेदारी की आती है तो वे पांव पीछे खींच लेते हैं। यही वजह है कि आजादी के बाद से अब तक मंडल से सिर्फ पांच महिलाएं ही संसद पहुंच सकी हैं। वर्ष 1952 से अब तक सिर्फ 13 बार ही महिला प्रत्याशी निर्वाचित हुई हैं। इसमें से सात बार अकेले मेनका गांधी ने जीत दर्ज की है।
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मंडल में महिलाओं के सियासी सफर की बात करें तो वर्ष 1981 और 1984 में बरेली सीट से कांग्रेस की आबिदा बेगम सांसद चुनी गई थीं। वह भारत के पांचवें राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद की पत्नी थी। हालांकि, वर्ष 1989 में हुए चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से बरेली सीट से कोई महिला प्रत्याशी निर्वाचित नहीं हो सकी। वर्ष 2014 में सपा की आयशा इस्लाम दूसरे स्थान पर रही थीं।
आजादी के बाद 17 वर्ष तक रामपुर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा रहे आंवला को वर्ष 1967 में अलग संसदीय क्षेत्र बनाया गया। वर्ष 1967 और 1971 में कांग्रेस की सावित्री श्याम सांसद चुनी गई थीं। वर्ष 2009 में यहां से भाजपा की मेनका गांधी चुनी गई थीं। वर्ष 1980 में कांग्रेस की संतोष कुमारी पाठक और 2019 में बसपा की रुचिवीरा दूसरे स्थान पर रही थीं।
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पीलीभीत से संसद पहुंचने वाली मेनका गांधी एकमात्र महिला हैं। वर्ष 1989, 1996, 1998, 1999, 2004 और 2014 में वह जीत दर्ज कर चुकी हैं। शाहजहांपुर से वर्ष 2014 में कृष्णा राज और बदायूं से वर्ष 2019 में संघमित्रा मौर्य निर्वाचित होने वाली एकमात्र महिला प्रत्याशी हैं।
जिला कुल मतदाता महिला मतदाता प्रतिशत
बरेली 33,54,696 15,58,544 46.44
पीलीभीत 18,20,379 8,47,275 46.54
शाहजहांपुर 23,22,103 10,75,739 46.32
बदायूं 20,05,561 9,32,114 46.47
अब तक चुनी गईं महिला सांसद
मेनका गांधी : पीलीभीत से छह बार और आंवला से एक बार संसद पहुंचीं।
सावित्री श्याम : वर्ष 1967 और 1971 में कांग्रेस के टिकट पर आंवला से चुनी गई थीं।
आबिदा बेगम : वर्ष 1981 व 1984 में बरेली सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनी गई थीं।
संघमित्रा मौर्य : वर्ष 2019 में भाजपा के टिकट पर बदायूं से चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं।
कृष्णा राज : शाहजहांपुर संसदीय क्षेत्र से वर्ष 2014 में विजेता बनी थीं।