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बस चनहेटी का नाम कैंट स्टेशन हो गया, दो ट्रेनें बंद

Sun, 24 Sep 2017 01:55 AM IST
बरेली
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आंवला के भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने एक साल पहले चनहेटी का नाम बदलकर कैंट करा दिया। केेंद्र भाजपा की सरकार है, लेकिन इस स्टेशन पर किसी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव अभी तक  नहीं हो पाया। नई ट्रेनें ठहरने के बजाए यहां रुकने वाली पैसेंजर ट्रेनें बंद और हो गईं। इससे आसपास के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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लखनऊ से चंदौसी होकर दिल्ली को जाने वाली करीब आठ ट्रेनें कैंट रेलवे स्टेशन से होकर गुजरती हैं। इनमें डुप्लीकेट एक्सप्रेस, सदभावना एक्सप्रेस, लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस मुख्य रूप से हैं। इनमें से कई ट्रेनें टेक्नीकल दिक्कत होने की वजह से रुक जाती हैं, लेकिन किसी का ठहराव नहीं है। कैंट स्टेशन पर बरेली-रोजा(बीआर) पैसेंजर, सहारनपुर लखनऊ पैसेंजर और बरेली इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है, लेकिन ट्रैक पर काम होने की वजह से बीआर की चल रही है। बाकी दोनों पैसेंजर ट्रेनों को रेलवे ने बंद कर दिया है। सीनियर डीसीएम विवेक शर्मा ने बुधवार से नौ सवारी गाड़ियां रद्द की थीं। जिसमें कैंट में ठहरने वाली दो पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल थीं। दो पैसेंजर ट्रेनें बंद होने से यात्रियों को दिक्कत हो रही है। 

एक हजार के टिकट भी बिकना मुश्किल
-कैंट स्टेशन पर कम ट्रेनों का ठहराव होने की वजह से आमदनी भी नाम मात्र है। यहां एक दिन में एक हजार रुपये के टिक ट भी बिकना मुश्किल है। स्टेशन अधीक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता इस संबंध में कुछ बताने को तैयार नहीं हुए, लेकिन उनसे बातचीत में पता लगा कि आगे भी अभी किसी नई ट्रेनों का ठहराव होने की कोई संभावना नहीं है। 
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बरेली जंक्शन का लोड कम हो सकता है
-कैंट स्टेशन का विस्तार करके यहां दिल्ली से बरेली होकर लखनऊ जाने वाली कुछ ट्रेनों को भी यहां रोका जा सकता है। इससे बरेली जंक्शन का लोड कम हो जाएगा। ट्रैफिक सिस्टम पर भी काफी असर पड़ेगा। कैंट में ट्रेनों का ठहराव होने की वजह से वहां से आटो रिक्शा से लोग शहर आसानी से आ सकेंगे। कैंट से होकर शहर आना भी आसान होगा।  
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