बरेली। पुलिस ने ऑनलाइन शुगर की फर्जी आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, दो चार्जर, एक प्रिंटर और 75 तरीके की फर्जी दवाएं बरामद की गई हैं। गिरोह फर्जी वेबसाइट और विज्ञापनों के जरिये ठगी कर रहा था।
अधिकारियों को मिली सूचना के आधार पर शनिवार रात बारादरी थाना पुलिस ने सैलानी क्षेत्र के एक घर में दबिश देकर भोजीपुरा के गांव जादौपुर निवासी साजिद मलिक, बारादरी के एजाजनगर गौटिया निवासी इस्लाम और पशुपति विहार निवासी जफर को गिरफ्तार कर लिया।
मौके से बरामद दवाइयों में डायबोट डायबिटिक पाउडर और ब्रह्म शुगर केयर पाउडर के डिब्बे थे। इन पर फर्जी एफएसएसएआई नंबर और विनिर्माण तिथि (जून 2026) अंकित थी। तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीनों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, वहां से जेल भेजा गया।
तीन दिन में शुगर ठीक करने की लेते थे गारंटी
पूछताछ में आरोपी इस्लाम ने बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुगर की बीमारी तीन दिन में ठीक करने के फर्जी विज्ञापन डालता था। उसने शॉपिफाई पर एक वेबसाइट भी बनाई थी। इसके जरिये वे कैश ऑन डिलीवरी पर पार्सल भेजते थे। ग्राहकों को गुमराह करने के लिए वे अपनी कंपनी का फर्जी पता अल्मोड़ा, उत्तराखंड का बताते थे। लोगों को बताया जाता था कि वे इन दवाओं को पहाड़ों पर मौजूद प्राकृतिक जड़ी बूटियों से तैयार करते हैं जो शुगर को जड़ से ठीक करने के साथ ही सौ फीसदी सेफ होती हैं।
ऐसे करते थे धोखाधड़ी
लैपटॉप की जांच में सेलोशिप का डैशबोर्ड खुला मिला। इसमें कुल 373 शिपमेंट्स, 91 डिलीवरी और 90 रिटर्न टू ओरिजिन (आरटीओ) दर्ज थे। आरोपी आरके एंटरप्राइजेज, डायबोटा केयर, आयुर लाइफ और हमदम फॉरएवर इंडिया के नाम का इस्तेमाल करते थे। वे दिल्लीवरी, शैडोफैक्स, एक्सप्रेसबीज और ब्लू डार्ट जैसी कूरियर कंपनियों के माध्यम से ग्राहकों को 1000 से 1450 रुपये के कैश ऑन डिलीवरी पार्सल भेजते थे। वेबसाइट पर डायबोट डायबिटिक पाउडर की कीमत 1199 रुपये प्रदर्शित हो रही थी।
वर्जन
पुलिस ने फर्जी आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह की गतिविधियों व रिकाॅर्ड की जांच की जाएगी। इन्होंने कहां-कहां दवाएं बेची हैं, इसका भी पता लगाया जाएगा। - मानुष पारीक, एसपी सिटी