बरेली। पहले जैसी फिल्में अब नहीं बन रही हैं। बहुत जल्दी भुला दी जाती हैं। फिल्मों की लाइफ नहीं है। यूं कहें कि जुमे के जुमे आती है और चली जाती हैंं, वो फिर फिल्म हो या स्टार। ऊपर से ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफाॅर्म ने भी फिल्म इंडस्ट्री को हिला दिया है।
यह कहना है बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी व मिस यंग इंडिया रहीं पूनम सिन्हा का। वह यहां सिविल लाइंस में अपनी बहू के परिवार के एक समारोह में शामिल होने आईं थी। उन्होंने प्रेसवार्ता में बताया कि पहले की फिल्मों को दर्शक याद रखते थे, उनके गीत बरसों जुबान पर रहते थे। वैसे भी आज के दौर में फिल्म बनाना कठिन हो गया है, फिर चल जाए इसकी गारंटी भी नहीं है। टाकीज में भी लोग अब फिल्म कम देखते हैंं, क्योंकि फिल्म रिलीज होने के तीन महीने बाद लोग सोशल मीडिया पर देख लेते हैं।
फिल्म में काम न करने की वजह पर उन्होंने हंसते हुए बताया कि पति शत्रुजी को पसंद नहीं था। अलबत्ता उन्होंने कुल पांच फिल्मों में काम किया है। इसमें एक फिल्म ‘सबक’ में शत्रुघ्न सिन्हा के साथ बतौर हिरोइन काम किया। इसके अलावा जिगर, दोस्त, आदमी और इंसान व आखिर में जोधा अकबर में अकबर की मां के रोल में नजर आईं। वहीं बेटी सोनाक्षी सिन्हा के सवाल पर भी बस इतना कहा कि सोनाक्षी खुश है, कोई विवाद नहीं है। साथ में बहू तरुणा और फिल्म निर्माता मीनू चटर्जी जी भी थीं। बहू तरुणा के बारे में बताया कि वह उसे बेटी की तरह मानती हैं।
बरेली में फिल्म निर्माण की काफी हैं संभावनाएं : मीनू
बरेली। फिल्म निर्माता मीनू चटर्जी कहा कि वह तो बरेली को झुमका और बर्फी तक ही जानती थीं। यहां आकर लगा बरेली बहुत अच्छा है यहां बहुत कुछ है। सबसे बढ़ कर फिल्म निर्माण की बहुत संभावनाएं हैं। विचार करेंगे बरेली में फिल्म का निर्माण कर सकें। मीनू ने बताया कि वह अब तक ढाई सौ के करीब फिल्में बना चुकीं हैं। उन्होंने कहा कि वो पूनम सिन्हा, तरुणा और परिवार के लोग सुबह सीता रसोई भी गए थे। उनका काम देख कर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि यहां मार्केट बहुत अच्छा है।