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महंगाई: चीनी के बाद प्याज ने निकाले आंसू, बरेली में कीमत 50 रुपये के पार, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

Tue, 25 Aug 2026 07:50 AM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले चीनी महंगाई हुई तो प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम जनता के आंसू निकाल दिए हैं। बरेली में प्याज के रेट अचानक दोगुने हो गए हैं। कारोबारी इसका कारण बरसात से फसल खराब होना बता रहे हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लगातार हो रही बारिश का असर अब रसोई पर साफ तौर पड़ने लगा है। पहले चीनी महंगाई हुई। अब फसल खराब होने के कारण प्याज के दाम अचानक लगभग दोगुने हो गए हैं। इससे ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। बरेली में महीने की शुरुआत में जो प्याज फुटकर बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

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डेलापीर मंडी के कारोबारियों के अनुसार, वर्तमान में नासिक, इंदौर और उज्जैन से रोज प्याज की करीब 10 गाड़ियां आ रही हैं, जिनसे लगभग 2000 क्विंटल प्याज उतरता है। जिले में इतनी की प्याज की खपत भी है। कारोबारी सुजा उर रहमान ने बताया कि बरसात के सीजन में हर साल प्याज के दाम बढ़ते हैं और बाद में कम हो जाते हैं। इस बार अत्यधिक बारिश के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे निकट भविष्य में कीमतों के नीचे आने के आसार नहीं हैं। आने वाले दिनों में प्याज और महंगा हो सकता है। 

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बरेली मंडी से शहर के अलावा हल्द्वानी, बदायूं, पीलीभीत और आसपास की अन्य छोटी मंडियों में भी प्याज की सप्लाई की जाती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर कीमतों में तेजी का असर अन्य जिलों के बाजारों पर भी पड़ रहा है। 

रसोई का बिगड़ा बजट 
सुभाषनगर की स्वाति कोली ने बताया कि चीनी के बाद प्याज के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। सौ फुटा रोड की वर्षा ने बताया कि इस समय कई खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं। त्योहारी सीजन में रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका है। सरकार को खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाना चाहिए। 
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