बरेली। सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए भले ही करोड़ों रुपए खर्च कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। अन्य सुविधाएं तो छोड़िए शिक्षक तक पर्याप्त नहीं हैं। कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय, कोहाड़ापीर में कक्षा छह, सात व आठ के 115 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक ही शिक्षक है।
तीन कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाना एक शिक्षक के लिए संभव नहीं है। कई बार मांग के बावजूद यहां अन्य शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल न होने से विद्यार्थी भी विद्यालय आना नहीं चाहते। शुक्रवार को दोपहर 12:45 बजे कक्षा छह और सात खाली मिलीं।
प्रधानाध्यापक ताहिर एक कक्ष में 20 विद्यार्थियों को पढ़ाते मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि अकेले तीन कक्षाओं के बच्चों को एकसाथ संभालने में दिक्कत तो आती है, मगर अन्य शिक्षकों की तैनाती न होने से अकेले सभी विद्यार्थियों को संभालना मजबूरी है। नियमानुसार 35 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए।
परिसर में ही बैठते हैं अधिकारी, फिर भी नहीं दे रहे ध्यान
हैरानी की बात यह है कि इसी विद्यालय परिसर में नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी तौसीफ अहमद और दिनेश जोशी का कार्यालय भी है। इसके बावजूद उन्हें शिक्षा की यह बदहाली नजर आती है। शुक्रवार को दोनों खंड शिक्षा अधिकारी अपने कार्यालयों में मिले भी नहीं। पूछने पर स्टाफ ने फील्ड में जाने की बात कही। संवाद
एकल शिक्षक की वजह से परेशानियां तो आती हैं। इसमें सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ड्यूटी अवधि में कार्यालय से नदारद रहने को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी से पूछा जाएगा। - संजय सिंह, बीएसए