बरेली। कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइंस निवासी रिशिश टंडन को डिजिटल अरेस्ट कर एक लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। जालसाज ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए उनकी बेटी को ड्रग माफिया से संबंध रखने पर गिरफ्तार करने का झांसा देकर एक लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कोतवाली पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सिविल लाइंस निवासी रिशिश टंडन ने पुलिस को बताया कि 30 जुलाई को उनके व्हाट्सएप पर कॉल आई कि उनकी बेटी को ड्रग माफिया से संबंध रखने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका फोन भी ट्रेस किया जा रहा है। खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर जालसाज ने उनको झांसे में लिया। इस दौरान जालसाज ने उनकी बेटी की आवाज वाली किसी अन्य लडकी से बात करा दी। साथ ही उसको छोड़ने के लिए एक लाख रुपये की मांग की। रिशिश डर के कारण एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब बेटी को कॉल की तो पता चला कि बेटी तो कॉलेज में है। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इंस्पेक्टर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। संवाद