बरेली। नगर निगम के नए भवन के घटिया निर्माण और धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। परिसर में गंदगी मिलने पर पांच हजार का जुर्माना अलग से लगाया है।
नगर आयुक्त ने शनिवार को अधिकारियों के साथ नई बिल्डिंग का निरीक्षण किया। दूसरी मंजिल पर निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के स्टेज पर लगा रेता हाथ से छुआ तो वह छूटकर नीचे गिरने लगा। इस पर नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। तीसरी मंजिल पर निर्माण विभाग के कार्यालय में पहुंचकर अधिकारियों के चैंबर को देखा। तीसरी मंजिल पर ही दूसरे छोर पर खाली कमरों में कूड़े के ढेर लगे मिले। इस पर उन्होंने पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, डाकखाने की टूटी हुई छत की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए हैं। परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय, जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय, जलकल विभाग और नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग का भी जायजा लिया। इस दौरान वहां कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली।
जांच के लिए भेजा जाएगा सैंपल
निर्माणाधीन ऑडिटोरियम व अन्य कार्याें में प्रयुक्त सामग्री का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया है। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कार्यदायी संस्था पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर भवन का दोबारा निर्माण भी कराना पड़ सकता है।
निरीक्षण किया है, जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए हैं। अब निर्माण की गति आदि को देखकर जुर्माने की रकम तय होगी। यह रकम एक लाख से अधिक भी हो सकती है। साफ-सफाई को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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