बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने किशोरी से दुष्कर्म में दोषी मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव नगरिया सादात निवासी अजीम को 20 साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक अन्य मामले में 11 साल की बालिका को बुरी नीयत से पकड़ने में दोषी इज्जतनगर थाना क्षेत्र के बड़ी विहार निवासी बिलाल को तीन साल की कैद और नौ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मीरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी 16 मई 2023 को सुबह 10 बजे मीरगंज दवा लेने गई थी। रास्ते में अजीम उसको बहला-फुसलाकर साथ ले गया। आरोपी ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह घर पहुंचने के बाद बेटी ने घटना के बारे में बताया।
जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। किशोरी व अन्य गवाहों के बयानों व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने अजीम को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
दूसरा मामला इज्जतनगर थाना क्षेत्र का है। यहां के एक मोहल्ले के निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 अप्रैल 2022 को उसकी 11 साल की बेटी दुकान पर सामान लेने गई थी। वहां बिलाल पहले से मौजूद था। बिलाल ने उसकी बेटी को बदनीयत से दबोच लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने बिलाल को कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
स्मैक तस्करी के दोषी को 10 वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। कटरा थाना क्षेत्र में 250 ग्राम स्मैक के साथ पकड़े गए तस्कर को अदालत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
13 मार्च 2022 को कटरा थाने की पुलिस टीम एक इंटर कॉलेज के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान खुदागंज की ओर से बाइक से आ रहे एक व्यक्ति को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह नहीं रुका। पुलिस ने पीछा कर उसे कुछ दूरी पर रोक लिया।
तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 250 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इस मामले में बरेली के फरीदपुर के गांव महतेपुर तेजा निवासी मोहम्मद इरफान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर एडीजे-42 ने इरफान को दोषी माना और उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।