शीशगढ़। अपहृत लड़की को बरेली न्यायालय ने प्रमाण पत्रों के आधार पर बालिग मानते हुए लड़की को उसकी इच्छा से प्रेमी के सुपुर्द कर दिया।
लड़की के पिता ने लड़की को नाबालिग बताते हुए बड़ी बेटी के मंगेतर और परिजनों के खिलाफ फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज कराया। 20 जुलाई को कस्बे के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने शीशगढ़ थाने में बड़ी बेटी की शादी से पौने दो माह पूर्व उसके मंगेतर के भाई और परिजनों के खिलाफ छोटी बेटी को ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस किशोरी को तलाश कर रही थी। तभी प्रेमी युगल ने निकाह कर न्यायालय में युवती के बालिग होने के प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। प्रमाण पत्रों में युवती की उम्र 18 वर्ष होने पर न्यायालय ने युवती को उसके प्रेमी के सुपुर्द कर दिया।
इससे पूर्व अपहृत लड़की के पिता ने जिला अस्पताल के चिकित्सक पर आरोपियों से सांठगांठ कर बेटी का बालिग प्रमाण पत्र बनाने का आरोप लगाकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। लड़की ने सोशल मीडिया पर अपने को बालिग बताते हुए स्वेच्छा से शादी करने का वीडियो वायरल भी किया था। संवाद