बीएड और एमएड के परीक्षा फार्म पर एक हजार रुपये विलंब शुल्क लगाने पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा किया। पहले कुलसचिव का घेराव किया और फिर परीक्षा नियंत्रक का। विलंब शुल्क को तत्काल हटाने की मांग की। परीक्षा नियंत्रक ने आश्वासन ने दिया कि कुलपति के आने पर मामले पर निर्णय लिया जाएगा। विलंब शुल्क को नहीं हटाया गया।
छात्रों का कहना था कि बीएड फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू होते ही वेबसाइट पर पांच दिन तक फार्म ओपन नहीं हुए। उसके एवज में पांच दिन की छूट दी जानी चाहिए। परीक्षा नियंत्रक का कहना था कि किसी कॉलेज ने तिथि बढ़ाने की डिमांड नहीं भेजी, इसलिए तिथि नहीं बढ़ाई। विलंब शुल्क के साथ वेबसाइट खोली गई है। परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि वित्त निर्णय लेना उनके अधिकार में नहीं है। कुलपति के आने के बाद ही निर्णय होगा। प्रदर्शन के दौरान संगठन के अवनीश चौबे, गौरव यादव, मनोज यादव, अंशिका जौहरी, अजीत पटेल, मयंक,सिद्धार्थ, सचिन, सुरजीत, हर्षित, रजत,सुमित यादव, पीयूष आर्य, सुमित शर्मा आदि मौजूद रहे।
कुलसचिव बोले, परीक्षा नियंत्रक जानें
छात्र हंगामा करते हुए कुलसचिव कार्यालय पहुंच गए। कुलसचिव बोले, यहां हंगामा करने का कोई नतीजा नहीं निकलेगा। परीक्षा नियंत्रक ही परीक्षा से जुड़े मामले जानें। उनके पास जाओ। कुछ देर छात्र उनके कार्यालय में हंगामा करते रहे बाद में कुलसचिव ने परीक्षा नियंत्रक को फोन किया। तब छात्रों ने उनके कार्यालय में हंगामा बंद किया।
एमएड प्रथम के फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू
एमएड प्रथम मुख्य परीक्षा, भूतपूर्व, परीक्षा सुधार के परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई। फार्म 19 अप्रैल तक ऑनलाइन भरे जाएंगे। 21 अप्रैल तक फार्म कॉलेजों में जमा होंगे। बरेली, बिजनौर, और मुरादाबाद के परीक्षा फार्म 22 अप्रैैल और संभल, पीलीभीत, रामपुर, बदायूं, शाहजहांपुर और अमरोहा के कॉलेजों के फार्म 24 अप्रैल तक विवि में जमा होंगे।