रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 51वें स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के अध्यक्ष ने विद्यार्थियों को किया आश्वस्त
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 51वां स्थापना दिवस रविवार को मनाया गया। बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों से मुखातिब प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि आप सपने देखो, फंडिंग हम करेंगे। टीबीडी एंटरप्रेन्योर को एक लाख करोड़ रुपये तक की फंडिंग कर सकता है, बशर्ते आपका आइडिया उस स्तर का हो।
स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित थिंक टैंक डायलॉग में सामने आए कुछ प्रोजेक्ट को मुख्य अतिथि ने प्रोत्साहन के लायक बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी टीडीबी कई प्रोजेक्ट की फंडिंग कर चुकी है। आज उनका टर्नओवर करोड़ों तक पहुंच चुका है। हमारा प्रयास है कि जो लोग विदेश से बेहतर चीजें यहां बना रहे हैं, भारत उसका निर्यातक बने। हमने कोविड की वैक्सीन भी कुछ माह में ही बना ली। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेडिएशन उपकरणों पर भी काम हुआ।
मुख्य वक्ता आईसीएमआर के राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान की निदेशक प्रो. शालिनी ने कैंसर के कारकों से दूर रहने की हिदायत दी। हर विद्यार्थी को कम से कम एक जरूरतमंद परिवार की सहायता करने के लिए प्रेरित किया। आर्मी हॉस्पिटल नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. शेखर कश्यप ने विद्यार्थियों को अपनी राह स्वयं बनाने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. डीएस चौहान ने रुहेलखंड विवि को शिक्षा का मक्का-मदीना बताया। इसके बाद विश्वविद्यालय के मेधावियों, शिक्षणेतर कर्मचारियों व शिक्षकों को सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। राष्ट्रगान से समारोह का समापन हुआ।
आईआईटी के छात्र से कम नहीं हमारे विद्यार्थी : कुलपति
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के विद्यार्थी किसी आईआईटी के छात्र से कम नहीं है। बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट से सहयोग मांगा है। विश्वविद्यालय में हर दो माह में एक पीएचडी प्रवेश होता है। एक हजार से अधिक नेट जेआरएफ के शोधार्थी जुड़े हैं। बीते वर्षों में विवि ने वैश्विक रैंकिंग भी हासिल की है।
राज्यपाल ने पत्र के जरिये भेजा संदेश
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। इसलिए उन्होंने पत्र भेजकर विश्वविद्यालय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 51 वर्षों का सफर गौरवाशाली रहा है। यह सुदृढ़ भविष्य के लिए संकल्प लेने का अवसर है। विद्यार्थी आधुनिक तकनीक एवं नवाचारों के उपयोग से नई उपलब्धियां हासिल करें और विकसित राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करें।
इन्हें मिले पदक
एमए उर्दू की छात्रा अंसारी फरीदा, एमएससी हॉर्टिकल्चर के हर्ष सैनी, एमएससी एग्रोनॉमी की आकांक्षा, एमफार्मा के चरणजीत, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी की गुलसमन नईम अंसारी को स्वर्ण पदक दिए गए। संजना सिंह को विवेकानंद युवा पुरस्कार मिलने पर सम्मानित किया गया।
शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को मिला सम्मान
प्रो. उपेंद्र कुमार, डॉ. आभा त्रिवेदी, डॉ. विनय ऋषिवाल, प्रो. भोला खान, प्रो. तूलिका सक्सेना, प्रो. नवीन कुमार और प्रो. मीनाक्षी द्विवेदी को बेस्ट रिसर्चर पुरस्कार प्रदान किए गए। मयंक अग्रवाल, इफ्तेखार आदिल, सचिन, सुधाकर, कमल सिंह, प्रसेनजीत, बसंत, रविंद्र श्रीवास्तव, संजीव कुमार, सुधांशु शर्मा, सुमन सिंह, सुनील चंद्र, प्रदीप, यादराम, अर्जुन व ज्ञान को भी सम्मानित किया गया।
आज रहेगा अवकाश
प्रभारी कुलसचिव ममता सिंह ने बताया कि 16 फरवरी को विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित किया गया है।