भाजपा में दलबदलुओं को वार्डों के टिकट देने पर असंतोष फूट पड़ा है। पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर सपा या बसपा से चार-छह माह पहले ही पार्टी में आए नेताओं को टिकट देने पर नाराजगी जताते हुए बरेली विकास मोर्चा बनाने का एलान कर दिया गया है। बागियों ने कहा कि वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे और जीतकर दिखाएंगे कि भाजपा ने गलत लोगों को टिकट दिया।
भाजपा के असंतुष्टों की डीडीपुरम स्थित एसबीआई बैंक के बेसमेंट में शुक्रवार देर रात हुई बैठक में एनके पटेल का आरोप था कि वार्ड 14 से बबलू पटेल को टिकट मिला है जो कुछ दिन पहले सपा में थे। कैलाशचंद्र पाठक बोले, वार्ड 65 सुरेश शर्मा नगर में टिकट दर्पण अग्रवाल को मिला जो मंत्री के करीबी हैं। लंबे समय से भाजपा की सेवा करने के बाद भी उनके आवेदन पर विचार तक नहीं किया गया। रवि पटेल भी टिकट कटने से नाराज थे। वार्ड तीन छोटी बिहार में अनुपम चमन को टिकट देने का विरोध करते हुए दावेदारों ने कहा कि वह हर बार वार्ड बदल लेते हैं क्योंकि अपने वार्ड में काम नहीं कराते। वार्ड 55 में दीपक सक्सेना के टिकट देने का विरोध राधारानी गंगवार ने किया। कहा कि वह छह महीने पहले सपा से भाजपा में आए और विधायक की सिफारिश पर उनको टिकट मिल गया। वार्ड 46 में धर्मेंद्र सिंह और वार्ड 58 में सचिन सक्सेना ने आरोप लगाया कि संगठन में कुर्ता पायजामा वाले एक नेता ने पार्षद प्रत्याशी के टिकट वितरण में दो से ढाई लाख रुपये लेकर पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा। दूसरे दलों से आए लोग धनबल से टिकट पा गए। असंतुष्टों में कमल किशोर चतुर्वेदी, रामनाथ राणा समेत 50 से ज्यादा भाजपाई शामिल थे।
जो लोग पार्षद टिकट वितरण में पैसा लेने का आरोप लगा रहे हैं, वह पहले उसके प्रमाण लेकर आएं। वार्डों में टिकट बहुत सोच-समझकर दिए गए हैं। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कार्यकर्ता निर्दलीय लड़ेगा या प्रत्याशी का विरोध करेगा, उसको पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। - उमेश कठेरिया, महानगर अध्यक्ष भाजपा