बहेड़ी। केसर चीनी मिल के प्रशासनिक भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे भाकियू (टिकैत) के पदाधिकारी और किसानों को मनाने के लिए बुधवार को उप गन्ना आयुक्त और जिला गन्ना अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों और मिल प्रबंधन के साथ वार्ता की, जो बेनतीजा रही। तीन घंटे।
उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी, तहसीलदार भानु प्रताप चीनी मिल गेट के पास धरना स्थल पर बुधवार दोपहर 2:30 बजे पहुंचे। उन्होंने भाकियू के पदाधिकारियों और किसानों से वार्ता की। इसके बाद केसर चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना रविंद्र सिंह और सुभाष तोमर को किसानों के बीच बुलाया गया। वार्ता बेनतीजा रही।
गन्ना विभाग के अधिकारियों ने किसान नेताओं को बताया कि डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को इस संबंध में बैठक होगी। उन्होंने बैठक में शामिल होने के लिए किसानों से आग्रह किया। इसपर किसान नेताओं ने पंचायत करके फैसला करने को कहा है। पंचायत में निर्णय किया जाएगा कि किसान डीएम से मुलाकात करेंगे या नहीं।
चार बड़े घरानों से चल रही सौदे की बात
मिल प्रबंधन ने कहा, इस समय चार बड़े औद्योगिक घरानों से मिल का सौदा चल रहा है। मिल बिक्री के दौरान सभी खरीदारों से यही बात कही जा रही है कि पहले किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए रुपये दिए जाएं, शेष बाद में लेंगे।
गन्ना विभाग और प्रशासन की मिलीभगत का आरोप
किसान नेता रवि ढाका, चौधरी जगत सिंह, राजेश गुप्ता आदि ने पूछा, क्या गन्ना विभाग ने चीनी मिल और किसानों के बीच अनुबंध कराया है कि इस तरह की स्थिति में चीनी मिल की बिक्री होने पर ही रुपये मिलेंगे। चीनी मिल के अधिकारी बार-बार यही बात कह रहे हैं। किसान नेता धीरेंद्र राठी ने आरोप लगाया कि चीनी मिल की मुड़िया मुकररमपुर की जमीन को प्रशासन ने कुर्क तो की, लेकिन नीलामी नहीं कराई गई। नैनीताल रोड पर चीनी मिल का एक मार्केट है। जाजूनगर, अकबराबाद रोड पर जमीन है। उसकी कुर्की और नीलामी न कराने का कारण पूछा। उन्होंने गन्ना विभाग और प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाया।