पांच सौ परिषदीय स्कूलों के बच्चों के लिए फर्नीचर मिलना मुमकिन नहीं दिखाई दे रहा। इसे लेकर अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। जबकि नया शैक्षिक सत्र शुरू होने में माहभर ही बाकी रहा है। परिषदीय स्कूलों में अभी बच्चे टाट-पट्टी पर ही बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। इस वर्ष पांच सौ स्कूलों में मेज-कुर्सियां देने की तैयारी थी। इसके लिए सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग से चयनित स्कूलों से लिस्ट मंगवाई थी। साथ ही निर्देश भी दिए गए कि ग्राम पंचायत निधि से इसके इंतजाम भी कराए जाएं। इसके बाद अफसरों ने इसे लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इससे ग्राम पंचायतें भी निष्क्रिय रहीं। ऐसे में अब तक एक भी स्कूलों को फर्नीचर नहीं दिया जा सका है। जबकि नया शैक्षिक सत्र शुरू होने में बहुत ही कम समय बाकी रह गया है। एक माह में पांच सौ स्कूलों को फर्नीचर मुहैया करा पाना संभव नहीं दिख रही है। ऐसे परिषदीय बच्चों को नए सत्र में भी जमीन पर बैठक कर ही पढ़ाई करनी होगी। सीडीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि किसी ग्राम पंचायत से स्कूलों को फर्नीचर देने की सूचना नहीं आई है। वह जल्द ही इसकी समीक्षा करेंगे।