शाहजहांपुर। विधानसभा सामान्य निर्वाचन के तहत 14 फरवरी को प्रस्तावित मतदान के लिए प्रशासन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की व्यवस्था करने में जुट गया है। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते बूथों पर सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए मतदाताओं की औसत संख्या 1400-1500 से घटाकर 1200 निर्धारित की है। उसी अनुपात में मतदान केंद्र और मतदेय स्थल बढ़ने के कारण यहां उपलब्ध ईवीएम और वीवी पैट मशीनें कम पड़ गई थीं। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अन्य जनपदों से पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवी पैट मशीनें मंगाई जा चुकी हैं।
वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में 1774 मतदान केंद्र और 2424 मतदेय स्थल (बूथ) बनाए गए थे। तब एक बूथ पर अधिकतम 1500 मतदाता समायोजित किए थे। यही नहीं, एक मतदान केंद्र पर पांच से सात बूथ बनाए गए थे। इस बार आयोग ने एक बूथ से अधिकतम 1200 मतदाता जोड़ने और पांच बूथ से अधिक बूथ होने पर उनके लिए पृथक मतदान केंद्र बनाने के निर्देश दिए हैं।
इसका अनुपालन करते हुए प्रशासन ने जिले की सभी सीटों पर 209 अतिरिक्त बूथ और 17 मतदान केेंद्र सृजित किए हैं। इस तरह अब मतदान केंद्र बढ़कर 1791 और मतदेय स्थल 2633 हो गए हैं। चूंकि, मतदाता बैलेट यूनिट का बटन दबाते हें और उनके खराब होने की आशंका ज्यादा रहती है। इसलिए बैलेट यूनिट ज्यादा मंगाई हैं।
निर्वाचन कार्यालय से बताया कि मतदान में 3160 बैलेट यूनिट की जरूरत है, लेकिन जनपद में 4423 बैलेट यूनिट उपलब्ध हैं। इतनी ही कंट्रोल यूनिट की आवश्यकता है, लेकिन निर्वाचन आयोग के माध्यम से अन्य जनपदों से 3481 कंट्रोल यूनिट आ गई हैं। इसी तरह 3423 वीवीपैट के सापेक्ष 3676 उपलब्ध हो गई हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी के अनुसार ईवीएम का कोई संकट नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आवश्यकता की तुलना में 168 प्रतिशत बैलेट यूनिट, 132 प्रतिशत कंट्रोल यूनिट और 139 प्रतिशत वीवीपैट मशीनें उपलब्ध हैं। अब इन मशीनों का परीक्षण कर पीठासीन और मतदान अधिकारी नामित किए कर्मचारियों को ईवीएम चलाने का अंतिम प्रशिक्षण जल्द दिया जाएगा।