बरेली। अफसर अब मौके पर जाकर आईजीआरएस शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएंगे। अमर उजाला की ओर से सिलसिलेवार प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों को इस आशय का पत्र जारी किया है। इसका उद्देश्य शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराना है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि बार-बार शिकायत करने वालों का भी सत्यापन कराया जाएगा। इसमें जो लोग व्यक्तिगत रंजिश व फायदे के लिए बेवजह शिकायत कर प्रशासन की छवि धूमिल कर रहे हैं, उनको भी चिह्नित किया जाएगा। ऐसे मामलों में अक्सर नाम, पता, फोन नंबर बदलकर शिकायतें कराई जाती हैं।
पांच अधिकारियों का रोका वेतन, 18 से जवाब तलब
समीक्षा बैठक में शिकायतों के निस्तारण की प्रगति खराब पाए जाने पर डीएम ने पांच अधिकारियों का वेतन रोका है, जबकि 18 से जवाब मांगा है। औषधि निरीक्षक, जिला सेवायोजन अधिकारी, अधीक्षण अभियंता पंचम मंडल सिंचाई कार्य, खंड शिक्षा अधिकारी दमखोदा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी का वेतन रोका गया है। वहीं, जिला कृषि अधिकारी, नगर आयुक्त, उप निदेशक कृषि, अधिशासी अभियंता ग्रामीण द्वितीय विद्युत, खंड विकास अधिकारी नवाबगंज, बिथरी चैनपुर, बहेड़ी, अपर नगर आयुक्त, तहसीलदार, जिला क्षय रोग अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी मझगवां, पशु चिकित्सा अधिकारी क्यारा, जिला चिकित्सालय के सीएमएस, बीईओ क्यारा, अग्रणी बैंक प्रबंधक आदि से जवाब मांगा गया है।
वर्जन
आईजीआरएस की शिकायतों के समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी अधिकारियों को पत्र जारी किया है। प्रतिनिधि भेजने के बजाय उनको खुद मौके पर जाकर ही शिकायतों का निस्तारण कराने के निर्देश दिए है। बार-बार आने वाली शिकायतों का सत्यापन कराया जा रहा है। यदि वे फर्जी पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अविनाश सिंह, जिलाधिकारी