बरेली। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र शनिवार को शहर पहुंचे। यहां सब कुछ चमाचम दिखाने के लिए अफसरों में होड़ मची रही। स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे करोड़ों के विकास कार्य भी दिखाए। मगर बजट के अभाव में शहर के लिए जख्म बने अधूरे कार्य, जर्जर सड़कें और सफेद हाथी साबित हो रहे तीन सौ बेड अस्पताल की हालत छिपा गए।
अस्पताल के पास से गुजरकर भी नहीं रुके। मुख्य सचिव देर रात वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार के आवास पर पहुंचे तो वहां जनप्रतिनिधियों ने बजट के अभाव में अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने का मामला उठाया। उद्यमियों ने भी बरेली को उद्योग नगरी बनाने में आ रही अड़चन संबंधी मामले उठाए। महायोजना 2031 अनुमोदन गजट होने पर कई समस्याएं दूर होने की उम्मीद जताई। मुख्य सचिव ने लंबित कार्यों से संबंधित पत्र भेजने के लिए कहा।
श्यामगंज पुल की जर्जर सर्विस लेन की ओर मुख्य सचिव का काफिला नहीं गुजरा। नॉवेल्टी की ओर से ऑडिटोरियम तो पहुंचे पर जिला पंचायत भवन की ओर से जिला अस्पताल जाने के दौरान मरीजों को होने वाली समस्या से रूबरू नहीं हो सके। श्यामगंज पुल से कालीबाड़ी होते हुए बरेली कॉलेज तक का मार्ग नाला निर्माण के चलते फिर जर्जर हो रहा है। सड़क भी जगह-जगह से धंसने लगी है।
तीन सौ बेड अस्पताल को थी इलाज की जरूरत
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए तीन सौ बेड का अस्पताल तो बन गया पर अब तक इसकी शुरुआत नहीं हो सकी। अधूरी तैयारियों के साथ महज ओपीडी सेवा शुरू है। उपकरण धूल फांक रहे हैं। एक्सरे, सीबीसी मशीन खराब पड़ी है। वहीं, जिला अस्पताल में भी सीटी स्कैन मशीन महीनों से खराब है। यहां आर्थिक रूप से कमजोर लोग इलाज को पहुंचते हैं। बीमार अस्पताल को मुख्य सचिव से इलाज की दरकार थी।
विधायक संजीव अग्रवाल ने मुख्य सचिव से पुराने चौपुला को अटल सेतु से जोड़ने के लिए करीब 15 करोड़ के बजट की मांग की। इसके अभाव में बदायूं रोड से आने वाले ट्रैफिक से पुल के नीचे भीषण जाम लगता है। मुख्य सचिव ने उन्हें पत्र भेजने के लिए कहा। पत्र मिलने पर बजट जारी करवाने का आश्वासन दिया। इज्जतनगर रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए 1.40 करोड़ का बजट भी जारी कराने की मांग की। बताया कि वर्ष 2020-21 में बस स्टैंड बनाने के लिए 1.76 करोड़ मंजूर हुए थे। 30 लाख रुपये की पहली किस्त जारी होने के बाद बजट नहीं मिला। हालांकि, वर्ष 2021 में निर्माण शुरू हो गया था। मार्च 2022 में निर्माण पूरा होना था। बजट के अभाव में यह अधूरा पड़ा है। सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बजट के अभाव में 12 साल से अटकी रामगंगा बैराज परियोजना का मुद्दा उठाया। बताया कि बैराज के बनने से किसानों को फायदा होगा।
जनप्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव के समक्ष आईटी पार्क निर्माण का भी मुददा उठाया। बताया कि आईटी पार्क निर्माण के लिए जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। आगे के कार्य लंबित हैं। पार्क निर्माण होने से बरेली में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होने, उद्योग नगरी बनने की उम्मीद जताई। इस दौरान मेयर डॉ. उमेश गौतम, विधायक श्याम बिहारी लाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. एमपी आर्या समेत अफसर मौजूद रहे।
उद्यमियों ने मांगा समस्याओं का समाधान
आईआईए बरेली चैप्टर के चेयरमैन तनुज भसीन ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने बीडीए की बरेली महायोजना 2031 के अनुमोदन, रजऊ परसपुर, रहपुरा जागीर में विकास कार्य मास्टर प्लान के साथ जारी करने, महायोजना गजट में पूर्व स्थापित उद्योगों को मानचित्र पर दर्शाने, प्रस्तावित भू उपयोग की स्थिति बहाल रखने की मांग की।
उद्यमियों ने रामपुर रोड से बदायूं रोड और बदायूं रोड से शाहजहांपुर रोड तक प्रस्तावित रिंग रोड के अपूर्ण भाग का निर्माण शुरू कराने की मांग की। तर्क दिया कि नेशनल हाइवे के लिए प्रस्तावित रोड पर कार्य शुरू होने से 50 गांवों को रोजगार मिलेगा। रहपुरा जागीर में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र व वेयर हाउसिंग संचालन हो सकेगा। इस दौरान उद्यमी दिनेश गोयल, उन्मुक्त संभव शील अन्य मौजूद रहे।
मुख्य सचिव का काफिला आंवला से रवाना होकर शाम 4.40 बजे सर्किट हाउस पहुंचा। करीब 35 मिनट रुककर भरतौल रवाना हुए। इससे पहले भरतौल मार्ग के गड्ढों को रेता-बजरी से भरा गया। यहां पहुंचकर ग्राम सचिवालय और पंचायत भवन का निरीक्षण किया। अन्नपूर्णा मॉडल शॉप (सरकारी उचित दर की दुकान) में मौजूद कंप्यूटर ऑपरेटर से मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र के आवेदन, मोबाइल पर मेसेज मिलने की प्रक्रिया जानी। आवेदन और प्रमाण पत्र जारी होने का मेसेज आवेदक को मिलने का सुझाव दिया। बताया कि मॉडल शॉप बनने के बाद अब कोटेदार बदलने पर भी पता समान रहेगा। जनसेवा केंद्र पर माइक्रो एटीएम, ई-स्टांप बिक्री, राशन कार्ड, आधार कार्ड, ई-पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति व आय प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन, शादी अनुदान, ई-श्रम कार्ड, मनी ट्रांसफर, किसान पंजीकरण आदि सुविधा मिलने की जानकारी दी।
बरेली विकास प्राधिकरण की ओर से फरीदपुर मार्ग पर बनाए गए नाथ नगरी प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया। रामगंगा नगर आवासीय योजना, कावेरी, गंगा कॉलोनी भी देखी। बीडीए वीसी ने रामगंगा नगर आवासीय योजना के मॉडल को प्रस्तुत किया। इसके बाद राजकीय इंटर काॅलेज में 32 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अत्याधुनिक ऑडिटोरियम हॉल और 158 करोड़ की लागत से बन रहे अर्बन हाट का भी जायजा लिया। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने मॉडल की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने नाथ नगरी प्रवेश द्वार के दोनों ओर, नवनिर्मित बीडीए ऑफिस और अर्बन हाट परिसर में पौधरोपण किया।
मुख्य सचिव को सेटेलाइट से गुजरकर भरतौल के अन्नपूर्णा मॉडल शॉप पर पहुंचना था। काफिला जैसे ही आंवला से बरेली रवाना हुआ सेटेलाइट पर नगर निगम की टीम ने सड़क के किनारे लगे खोखे, ठेले, खोमचे वालों के दो-दो हजार रुपये के चालान काटने शुरू कर दिए। करीब दो दर्जन चालान काटे गए।