बरेली। डीएम-एसएसपी ने रविवार को ही सभी विभागों के अफसरों की मौजूदगी में आतिशबाजी के अवैध भंडारण को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे, पर जिम्मेदारों ने उसे हवा में उड़ा दिया। सिरौली में हुए हादसे पर जिम्मेदार सही समय पर ठोस कार्रवाई करते तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
शहर से लेकर देहात इलाकों में मानकों को ताक पर रखकर आतिशबाजी का धंधा चल रहा है। इस बार प्रशासन ने शहर के कई आतिशबाजी कारोबारियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। वैसे सालभर सौ फुटा रोड पर आतिशबाजी का बाजार सजा रहता है। रामलीला मैदान और एमबी इंटर कॉलेज मैदान पर भी आतिशाबाजी की दुकानें लगती रही हैं। ये सभी जगह आबादी के बीच में हैं। इस साल प्रशासन ने लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की है। इस कारण पटाखा व्यापारी नई जगह पर लाइसेंस लेने की जुगत में लग गए हैं।
व्यापारी लाइसेंस लेने के बाद अपने स्टाल शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगवाते हैं। वहां आग बुझाने के लिए सिर्फ रेत रखा होता है। इन व्यापारियों पर हर बार कार्रवाई करने का दावा किया जाता है, लेकिन दीपावली आते ही सभी अपनी दुकान लगाने में कामयाब हो जाते हैं। पिछले साल डीएम ने सख्ती की थी तो सौफुटा पर दुकानें नहीं लग सकी थीं। इस बार रविवार को डीएम रविंद्र कुमार व एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि आतिशबाजी का अवैध भंडारण मिला तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। बावजूद सिरौली थाना पुलिस व अग्निशमन विभाग के अफसरों ने आदेश हवा में उड़ा दिए। अमर उजाला ब्यूरो