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Bareilly News: अफसरों ने काटी मलाई, कर्मचारी झेल रहे कार्रवाई

Wed, 10 Apr 2024 04:47 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। रोडवेज में पांच साल से डीजल की आपूर्ति और खपत का ऑडिट ही नहीं कराया गया था। एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक का ऑडिट हुआ तो लाखों का घपला पकड़ में आया है। खुद को फंसता देख अफसरों ने बरेली डिपो के वरिष्ठ लिपिक मोहम्मद अजीम और रुहेलखंड डिपो के लिपिक सुनील सक्सेना को निलंबित कर दिया। लेखाकार ओमपाल सिंह से जवाब तलब किया गया है। वहीं, संबंधित एआरएम के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई है।
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इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के आंवला डिपो से रोडवेज के लिए डीजल की आपूर्ति होती है। बरेली और रुहेलखंड डिपो के लिए रोजाना 20-20 हजार लीटर के दो टैंकर आते हैं। 30 मई 2023 को बरेली डिपो के वर्कशॉप में इंडियन ऑयल के आंवला डिपो से आए 20 हजार लीटर के टैंकर में पाइप लगाकर डीजल की चोरी पकड़ी गई थी। इस मामले में टैंकर चालक के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। अफसरों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनी को काली सूची में डालने की कार्रवाई भी कर दी, लेकिन बाद में सब ठंडे बस्ते में चला गया।
इसके बाद 21 नवंबर 2023 को बरेली डिपो के लिए ही डीजल लेकर आए टैंकर में मिट्टी के तेल की मिलावट पाई गई थी। इस पर चालकों ने वर्कशॉप में काफी हंगामा किया था। आरएम और एआरएम ने पूरे मामले को रफादफा कर दिया था। अब ऑडिट में पाया गया है कि एक साल में आईओसी से 35,75,239 लीटर डीजल की आपूर्ति की गई, लेकिन बीजकों में सैकड़ों लीटर का मिलान ही नहीं हुआ।
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ऑडिट और जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि रोडवेज में लंबे समय से डीजल को लेकर अफसर खेल कर रहे थे। मामला मुख्यालय तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने खुद की गर्दन बचाने के लिए कर्मचारियों पर कार्रवाई कर दी।
जांच में पाया गया है कि घनत्व पंजिका में लंबे समय से गड़बड़ी की जा रही थी। विवरण प्रपत्रों में खेल किया जा रहा था। डीजल संबंधी अभिलेखों को भी अफसर सही ढंग से नहीं रख रहे थे। अभिलेखों में कटिंग और ओवरराइटिंग भी पाई गई है। मनमाने ढंग से डिप रीडिंग को रिकॉर्ड में दर्ज कर खेल किया जा रहा था। टैंक नंबर एक में 140 लीटर और टैंक नंबर दो में 52 लीटर पानी भी पाया गया। अधिकारियों ने घनत्व पंजिका का समय-समय पर निरीक्षण भी नहीं किया। बरेली डिपो के एआरएम के स्तर पर लगातार चूक की गई, लेकिन कार्रवाई दो लिपिकों के खिलाफ की गई है।
मिलावटी डीजल ने रोडवेज की 100 से ज्यादा बसों के इंजन खराब कर दिए। इनकी मरम्मत पर भी रोडवेज का मोटा बजट खर्च किया गया। पिछले महीने 120 चालकों के वेतन से कटौती की गई थी। इसको लेकर चालकों ने एआरएम के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया था। बसों के इंजनों में खराबी और खराब डीजल औसत के कारण चालक सामूहिक हड़ताल तक कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी नहीं चेते।
डीजल की आपूर्ति और खपत में कमियां मिलने के कारण दो लिपिकों को निलंबित कर दिया गया है। लेखाकार से जवाब तलब किया गया है। मुख्यालय स्तर से आदेश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - दीपक चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक
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