चार साल पहले स्वीकृति हुआ था यूनानी मेडिकल कॉलेज, अब तक संचालन शुरू नहीं हो सका
सीडीओ ने शासन को अवगत कराया, काम पूरा करने के लिए बजट का हो रहा है इंतजार
बरेली। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की 113 करोड़ रुपये की यूनानी मेडिकल कॉलेज परियोजना पर 95 करोड रुपये खर्च हो चुके है, लेकिन अभी तक ओपीडी तक शुरू नहीं हो सकी है। ओपीडी शुरू करने के लिए निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को मुख्य विकास अधिकारी पत्र भेजा। यूनानी सेवाओं के क्षेत्रीय अधिकारी ने मौके की हकीकत से अवगत कराया है।
हजियापुर में वर्ष 2020 में यूनानी मेडिकल कॉलेज के निर्माण की मंजूरी मिली। काम शुरू हुआ, लेकिन अड़चनें आने पर निर्माण फंसा। अब 99 फीसदी निर्माण हो चुका है। बिजली कनेक्शन की बाधा है। पौने सात करोड़ रुपये का बजट न मिलने से मेडिकल कॉलेज के लिए 33 केवी की लाइन नहीं बन रही है। इसमें न पढ़ाई शुरू हुई और न ही इलाज शुरू हो सका। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर 21 सितंबर को बरेली आए। मेडिकल काॅलेज परिसर का निरीक्षण किया। कहा कि बिजली के लिए बजट दिलाएंगे। मेडिकल काॅलेज का संचालन शुरू होगा। लेकिन अभी तक बजट जारी नहीं हो सका।
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काॅलेज भवन का 99 फीसदी का पूरा है। फिनिशिंग चल रही है। बिजली कनेक्शन के लिए बजट मांगा गया है। इस बीच फिनिशिंग का काम अंतिम दौर में है। - शशांक भार्गव, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, भवन खंड
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मेडिकल काॅलेज का अभी भवन यूनानी सेवा विभाग को हस्तांतरित नहीं हुआ। बिजली कनेक्शन हो जाए और भवन हमें मिल जाए तब हम ओपीडी चला सकेंगे। - डॉ. अब्बास अली खान, क्षेत्रीय अधिकारी, यूनानी चिकित्सा सेवाएं
अमर उजाला ब्यूरो