विशेषज्ञों का अनुमान- पीलीभीत के जंगल से शिकार का पीछा करते हुए पहुंचा होगा तेंदुआ
बरेली। एयरबेस में छिपा तेंदुआ क हां से और कैसे आया... इस बाबत अफसरों के पास कोई जानकारी नहीं है। वहीं, विशेषज्ञों का अनुमान है कि तेंदुआ, कुत्ते या अन्य किसी जानवर के शिकार के दौरान जंगल से शहर तक पहुंच गया होगा। उनके मुताबिक तेंदुआ आमतौर पर आबादी क्षेत्र से दूर ही रहते हैं। इसलिए शहर तक पहुंचना भी बड़ा सवाल है। उन्होंने वन विभाग के अफसरों से पगमार्क खोजने का सुझाव दिया है, ताकि पता चले कि तेंदुआ कहां से आया।
आईवीआरआई के सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. बीएम अरोरा के मुताबिक, बिना रेस्क्यू ये पता लगाना मुश्किल है कि तेंदुआ नर है या मादा। अक्सर तेंदुए जिले के बहेड़ी, नवाबगंज के पास, रिठौरा और फतेहगंज पश्चिमी तक आते रहते हैं। सालों बाद शहर की सीमा के अंदर प्रवेश किया है। अनुमान है कि वह पीलीभीत से ही बरेली आया होगा क्योंकि दोनों के बीच की दूरी कम है। हो सकता है कि किसी शिकार का पीछा करते हुए वह बरेली शहर के समीप पहुंचा होगा। वहीं, अब खेत खलिहान में भी फसल कट चुकी है। ऐसे में छिपने की कोई मुफीद जगह न होेने की वजह से भी वह एयरबेस की तरफ मौजूद झाड़ियों से घिरी जगह पर पहुंच गया होगा। अफसरों को सुझाव दिया गया है कि वह रेस्क्यू के साथ पगमार्क का भी पता लगाएं। उन्होंने आशंका जताई कि अगर वह शहर के अंदर होते हुए एयरबेस तक पहुंचा होगा तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है। वहीं, डीएफओ के मुताबिक फिलहाल रेस्क्यू पर ध्यान दिया जा रहा है। तेंदुआ किधर से आया.. इसकी जानकारी नहीं है।