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Bareilly News: कोर्ट ने जिन अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाए, उनमें दो पावर में, बाकी रिटायर

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बरेली। कोर्ट ने बरेली में वर्ष 2010 में हुए दंगे के लिए आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर को मास्टरमाइंड मानते हुए जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, उनमें कई सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सिर्फ दो अधिकारी प्रदेश में शीर्ष पदों पर बैठे हैं। माना जा रहा है कि कोर्ट की ओर से अधिकारियों की लापरवाही के संदर्भ में भेजे गए आदेश का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया तो तत्कालीन अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।
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शहर में 2 मार्च 2010 को हुए दंगे में कोहाड़ापीर पुलिस चौकी के साथ ही एक समुदाय की कई दुकानें फूंक दी गईं थीं। कई दिन कर्फ्यू रहा था। इसी मामले में पुलिस ने जो चार्जशीट लगाई, उसमें मौलाना तौकीर का नाम नहीं था। अब अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट रवि कुमार दिवाकर की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है। तत्कालीन विवेचक सुभाष यादव की गवाही के दौरान कोर्ट ने पुलिस की पुरानी कार्रवाई को देखा और मंगलवार को एक आदेश कर मौलाना को तलब किया है। साथ ही मौलाना तौकीर रजा को क्लीनचिट देने वाले तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आदेश की प्रति सीएम को भेजने का आदेश दिया है।
इसी के बाद से उस वक्त तैनात रहे अफसरों व उनकी भूमिका की चर्चाएं हर तरफ हो रही हैं। बसपा सरकार के दौरान उस समय जिले में डीएम आशीष गोयल थे जो इन दिनों यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन हैं। वहीं एसएसपी के तौर पर डीआईजी स्तर के अधिकारी एमके बशाल की तैनाती थी। बशाल भी इन दिनों पॉवर कॉरपोरेशन के डीजी हैं। इसके अलावा बरेली में उन दिनों तैनात कमिश्नर माजिद अली, आईजी भानु प्रताप सिंह रिटायर हो चुके हैं। दंगे को नियंत्रण करने में तत्कालीन एसपी सिटी राकेश जौली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बताया जा रहा है कि वह भी रिटायर हो चुके हैं। कोर्ट के आदेश को मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया तो इन तत्कालीन अफसरों से पत्राचार या पूछताछ हो सकती है।
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मौलाना तौकीर को समन तामील कराएगी पुलिस
बरेली। कोर्ट ने वर्ष 2010 के दंगों के लिए आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां को मास्टरमाइंड मानते हुए 11 मार्च को तलब किया है। इसी क्रम में अब उन तक पुलिस समन पहुंचाएगी। एसएसपी सुशील घुले ने बताया कि मंगलवार को कोर्ट ने जो आदेश दिया है, उसके हिसाब से मौलाना तौकीर रजा खां को पुलिस समन तामील कराएगी। कोर्ट में उन्हें अपनी बात रखनी होगी। ब्यूरो
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