फकीर के नाम से ट्रस्ट बनाकर वक्फ में पंजीकृत कराया
पुत्तन शाह ने बताया कि सब्जे अली ने फर्जी कागजात तैयार कर फकीर सैयद हामिद हसन दरगाह चैरिटेबिल ट्रस्ट के नाम से न्यास पत्र उपनिबंधक सदर द्वितीय के कार्यालय में 24 नवंबर वर्ष 2020 को पंजीकृत करा लिया। इसके बाद अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर अपने आपको ट्रस्टी नामित कर ट्रस्ट में अपने ही परिजनों को शामिल कर लिया। साथ ही सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ में इस संपत्ति को पंजीकृत करा दिया और इसे अपनी जमीन बताते हुए खुद इसका अध्यक्ष बन गया।
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पुत्तन शाह के मुताबिक उन्होंने जब भी इस कथित वक्फ संपत्ति के बारे में कोई सूचना मांगी तो सब्जे अली ने हमेशा आधी अधूरी सूचना ही उपलब्ध कराई। बताया कि 12 फरवरी वर्ष 2021 में सब्जे अली ने पुत्तन शाह के विरुद्ध ही कोर्ट में एक वाद डाल दिया। पुत्तन ने कानूनी लड़ाई लड़ी तो कोर्ट ने सब्जे अली के कब्जे को अवैध पाया। वह कोर्ट को आखिरी समय तक संपत्ति के असली मालिक के बारे में जानकारी नहीं दे सका।
वक्फ के नाम पर संपत्ति कब्जाई तो खैर नहीं : एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुत्तन शाह के आरोप की जांच कराने के बाद पता लगा कि दूसरे पक्ष ने पूरी तरह अवैध तरीका अपनाकर वक्फ के नाम पर बेशकीमती संपत्ति कब्जा ली है। यह जमीन राजस्व के रिकार्ड में सरकारी और कब्रिस्तान के नाम दर्ज निकली। चूंकि मामला पुराना है तो आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। राजस्व टीम की मदद से संपत्ति कब्जा मुक्त कराई जाएगी।