सरकारी अस्पतालों में मंगलवार से मरीजों को परेशानी हो सकती है। तीमारदारों को मरीजों की सेवा खुद करनी होगी। मंगलवार से नर्सें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रही हैं। हड़ताल से सीएचसी और जिला अस्पताल में जनरल वार्ड व इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित होगी। हालांकि स्वास्थ्य महकमे के अफसर प्राइवेट एजेंसी की नर्सों से व्यवस्था सुचारू कराने का दावा कर रहे हैं।
सातवें वेतन आयोग के विरोध में ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन की ओर से यह हड़ताल बुलाई गई है। इसमें राजकीय नर्सेज संघ भी शामिल होंगी। जिला अस्पताल के अलावा महिला अस्पताल, मानसिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात नर्सों ने अनिश्चितकाल हड़ताल में जाने का एलान किया है। संघ की अध्यक्ष नीरा लाल और जिला मंत्री सोनिया मसीह ने बताया कि इससे पहले भी धरना-प्रदर्शन किया गया था। लेकिन कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। पिछली बार हड़ताल में इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं की गई थी, लेकिन इस बार यहां भी काम बंद रहेगा। इस दौरान प्राइवेट कंपनी की ओर से तैनात 40 नर्सें जिम्मेदारी संभालेंगी। इसमें 10 महिला अस्पताल में हैं।
नर्सों की तैनाती
जिला अस्पताल 42
महिला अस्पताल 20
मानसिक अस्पताल 05
सीएचसी 30
प्राइवेट एजेंसी नर्स 40
कोट
सभी प्राइवेट एजेंसी की नर्सों की ड्यूटी लगा दी गई है। नर्सिंग कॉलेज की छात्राआें की भी मदद मांगी गई है। कुछ महिला अस्पताल भी भेजी जाएंगी।
डॉ. केएस गुप्ता, प्रभारी सीएमएस