बरेली। बच्चा चोरी मामले में बरेली की नर्स सीता और उसके साथियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी है। एसएसपी ने सभी आरोपियों के खिलाफ जल्द मजबूत चार्जशीट लगाने और गैंगस्टर की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके बाद प्रशासन की मदद से संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई होगी। बरेली पुलिस की टीम जांच के लिए दूसरे संबंधित जिलों में भी जाएगी।
जिले के एक नामी मेडिकल कॉलेज की नर्स सीता, लखीमपुर खीरी जिले के निवासी उत्तम वाजपेयी, खीरी का ही केशवराम उर्फ मंजेश, सीतापुर में हाईवे पर विशाखा अस्पताल का मालिक डॉ. संजय कुमार विश्वास, शाहजहांपुर निवासी मेडिकल कॉलेज कर्मी योगेश कन्नौैजिया व जलालाबाद निवासी वेल्डर पवन सिंह चंदेल को अब तक बच्चा चोरी के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की जांच में गिरोह के तार कई निजी अस्पतालों व आईवीएफ सेंटरों से जुड़ते दिख रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि गर्भपात कराने वाले चर्चित सेंटरों व अल्ट्रासाउंड केंद्रों से बिन ब्याही मां, ज्यादा बच्चों का खर्च उठाने में अक्षम गरीब परिवारों व जरूरतमंद महिलाओं के जरिये ये धंधा फल-फूल रहा है। ऐसे ही कई सेंटर अब पुलिस की जांच के दायरे में आ गए हैं। बच्चा चोरी गिरोह पर हो रही कार्रवाई की समीक्षा करने के बाद सोमवार को एसएसपी ने आगे भी कार्रवाई जारी रहने का संकेत दिया।
वर्जन
प्रकाश में आए सभी आरोपी बच्चा चोरी का काम संगठित अपराध की तरह कर रहे थे, इसलिए मामले में गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। अवैध तरीके से बनाई आरोपियों की संपत्ति को जब्त या जमींदोज किया जाएगा। जरूरत पर सीतापुर और लखीमपुर या अन्य जिलों में बरेली पुलिस की टीम जाएगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी
यह है मामला
24 मई को दोपहर में मनौना के श्याम मंदिर से सफाईकर्मी रमन के डेढ़ साल के बेटे ऋषभ का बाइक सवार दो युवकों ने अपहरण कर लिया था। आंवला पुलिस ने 27 मई को शाहजहांपुर निवासी मेडिकल कॉलेज कर्मी योगेश कन्नौैजिया व जलालाबाद में वेल्डर पवन सिंह चंदेल को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर बच्चे को छुड़ा लिया था। अब तक छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।