बरेली। नए साल का पहला दिन सोमवार होने के बावजूद जिला और अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की तादाद आधी रही। महज नौ सौ पर्चे बने। वहीं, तीन सौ बेड अस्पताल में भी मरीजों की कतार कम रही। 930 पर्चे बने। सबसे ज्यादा आंख और वायरल बीमारियों के मरीज रहे।
जिला अस्पताल, महिला चिकित्सालय और तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी में प्रत्येक सोमवार को मरीजों की कतार रहती है। लिहाजा, एक जनवरी को भी ओपीडी में मरीजों के कतार की संभावना के चलते डॉक्टर, स्टाफ मुस्तैद रहा, लेकिन मरीजों की तादाद आधी ही रह गई। जिला अस्पताल में पिछले सोमवार जब ओपीडी खुली तो दिनभर में औसत 12 सौ पर्चे बने। महिला अस्पताल में चार सौ से ज्यादा और तीन सौ बेड में भी करीब एक हजार मरीज पहुंचते थे। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने संभावना जताई कि तमाम लोग नए साल के पहले दिन की शुरुआत अस्पताल जाने से शुरू होने से कहीं साल भर चक्कर न काटने पड़े, इससे बचने के लिए मरीज कम पहुंचे होंगे।
नए साल के पहले दिन डॉक्टर, स्टाफ मुस्तैद है या नहीं। इसकी पड़ताल के लिए एडी हेल्थ डॉ. पुष्पा पंत सोमवार सुबह दस बजे जिला अस्पताल पहुंच गईं। उन्होंने डायलिसिस यूनिट, ओपीडी, जनरल, इमरजेंसी वार्ड, ओटी का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से भी इलाज सुविधा के बारे में बातचीत भी की। स्थिति संतोषजनक रही।
ओपीडी में भले ही मरीजों की संख्या कम रही हो, लेकिन हर सोमवार को सीएमओ कार्यालय में आयोजित शिविर में दिव्यांगों की भागदौड़ थम नहीं रही। आवेदन का सत्यापन, प्रमाणपत्र नवीनीकरण के लिए पहुंचे दिव्यांग डॉक्टर का इंतजार करते रहे। ओपीडी निपटाकर डॉक्टर शिविर में पहुंचे और जांच शुरू की। 62 दिव्यांगों की जांच हुई।