75 आरोपियों पर हुई थी रिपोर्ट
बख्तावर, उसके बेटों समेत करीब 50 लोगों को नामजद और 25 अज्ञात पर रिपोर्ट कराई गई थी। बख्तावर समेत कई आरोपी अगले ही दिन जेल भेज दिए गए। डीएम और एसएसपी ने बख्तावर को बवाल के लिए जिम्मेदार मानते हुए उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई को शासन से लिखापढ़ी की थी। शासन से बख्तावर पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि शाही के गौसगंज गांव में खुराफातियों की वजह से माहौल बिगाड़ने जैसी स्थिति बनाई गई थी जिसे पुलिस बल ने समय रहते संभाल लिया। इसमें विवेचना के दौरान सामने आया कि बख्तावर शाह ही घटना का असली सूत्रधार है। पीआरडी जवान रहते हुए वह गांव में रौब झाड़ता था जिसकी वजह से सामाजिक वैमनस्य फैल रहा था। इसलिए उस पर रासुका लगाने के लिए पैरवी की गई जिसकी संस्तुति मिल गई है।