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एनआरआई प्रकरण : कलेक्शन सेंटर मिला फर्जी, होगी कार्रवाई

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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तीन दिसंबर को एनआरआई ने आरटीपीसीआर जांच के लिए दिया था सैंपल
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बरेली। चार दिसंबर को संक्रमित मिले एनआरआई ने जिस कलेक्शन सेंटर पर आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल दिया था। जांच में वह फर्जी मिला है। उसका स्वास्थ्य विभाग के पास कोई रिकॉर्ड न होने पर अब अधिकारियों ने संदिग्ध दोनोें लैब की गतिविधियों की गहनता से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने दोनों लैब से जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
बता दें कि पिछले दिनोें कैंट सदर बाजार का रहने वाला एक एनआरआई युवक संक्रमित मिला था। सर्विलांस सेल ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए संपर्क किया तो उसकी पता और मोबाइल नंबर लैब के डाटा में गलत दर्ज हुआ मिला। प्रकरण की जांच शुरू की गई तो पता चला कि युवक ने एक लैब से आरटीपीसीआर और कुछ घंटे के अंतराल पर पास ही की एक और लैब में ट्रूनेट जांच कराई थी। दोनों लैब पर छापा मारा तो पता चला कि युवक का सैंपल सर्किट हाउस स्थित एक सैंपल कलेक्शन सेंटर से भेजा गया था। जानकारी पर मंगलवार की देर शाम एसीएमओ डॉ. हरपाल और सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम ने छापा मारा था।
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कलेक्शन सेंटर पर कोई दस्तावेज नहीं मिले थे। बुधवार को सेंटर के संबंध में विभाग के दस्तावेज खंगाले गए पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। आशंका है कि दोनों लैब अवैध तरीके से कलेक्शन सेंटर का संचालन कर रही हैं। प्रकरण पर अब अधिकारियों ने दोनों लैब से जवाब तलब किया है। बृहस्पतिवार को जवाब न मिलने पर उनके संचालकों के खिलाफ प्रकरण पर सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही है। ब्यूरो
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