राधिका अग्रवाल को अपनी शादी के लिए प्लानिंग करनी थी, लेकिन भाई बहन जॉब और पढ़ाई के चलते दूसरे शहर में रहते हैं। एक साथ सबसे बात नहीं कर सकती। लेकिन वाट्सएप पर राधिका के पूरे परिवार का ग्रुप है। ‘अग्रवाल्स फैमिली’ नाम से बने ग्रुप में सभी एक साथ एक समय पर आते हैं और फिर आइडिया और प्लानिंग शुरू हो जाती है।
यह सच है कि वाट्सएप से कई काम आसान हुए हैं, उसमें एक काम यह भी है। लोगों सिर्फ मैसेज आगे बढ़ाने में ही व्यस्त नहीं हैं बल्कि अपने परिवार के साथ भी मशगूल हैं। लोगों ने ग्रुप बना रखे हैं और भाई- बहनाें को जोड़ा है। इस ग्रुप में गॉसिप भी होती और झगड़े भी।
- अंकल और पापा की नो एंट्री
परिवार के कुछ ग्रुप में बड़े सदस्य जुड़े हैं, जबकि कई ग्रुप ऐसे हैं जिनके एडमिन युवा हैं। ऐसे में उन्हाेंने पापा और अंकल को इससे बाहर रखा है। वह नहीं चाहते की उनकी सीक्रेट बातें बाहर जाये।
- ग्रुप के फायदे
निमंत्रण पत्र भेजने, बिजी शेड्यूल में सबसे बात करने, इवेंट के फोटो भेजने, परेशानी में सहायता करने
- ग्रुप का नामकरण
घर आंगन
बिजी फैमिली
फैमिली फारेवर
हैप्पी फैमिली
घर संसार
तुलसी का आंगन
खिचड़ी फैमिली
सरनेम फैमिली
वाट्सएप पीढ़ी
वर्जन--
वाट्सएप आज की जरूरत बन चुका है। ऐसे में फैमिली के ग्रुप होना लाजिमी है। मेरा भी ‘फैमिली टाइज’ नाम से ग्रुप है जिसमें हम लोग चर्चा, इंवेंट की जानकारी और तमाम बातें शेयर करते हैं। बिजी लाइफ में आप हमेशा अपने परिवार से जुड़े रहते हैं। इससे रिश्तों में सकारात्मकता आती है। लोग इसमें आये निमंत्रण संदेश को स्वीकार भी करते हैं।
डॉ. हेमा खन्ना, मनोचिकित्सक