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अब बाहरी प्रांतों के मजदूरों को वापस भेजने में जुटा प्रशासन

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प्रवासी मजदूरों का हालचाल जानते एडीजी और अन्य अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ईंट-भट्ठा, होटल आदि जगहों पर काम करने वालों को हो रहा सर्वे
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अब तक 134 श्रमिकों की सूचना मुख्य सचिव को भेजी

बरेली। ईंट-भट्ठा, फैक्ट्री सहित दूसरी जगह पर काम करने वाले दूसरे प्रदेशों के श्रमिकों को उनके घर वापस भेजने के लिए प्रशासन ने सर्वे शुरू कर दिया है। इसकी हर दिन लिस्ट मुख्य सचिव को भेजी जा रही है। एडीएम वित्त कार्यालय ने शुक्रवार को 134 श्रमिकों को चिह्नित किया है। इसमें सबसे ज्यादा श्रमिक बिहार के हैं। इसके अलावा शेल्टर होम में रहने वाले दूसरे प्रांतों के 68 श्रमिकों को प्रशासन अभी उनके घर नहीं भिजवा सका है।
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प्रशासन ने शेल्टर होम में रहने वाले यूपी के विभिन्न जिलों के 447 प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेज दिया है, लेकिन दूसरे प्रांतों के श्रमिक अभी नहीं भेजे जा सके हैं। शासन अब यह सर्वे करा रहा है कि भट्ठा, फैक्ट्री, रेस्टोरेंट सहित दूसरी जगहों पर काम करने वाले दूसरे प्रांतों के कितने लोग हैं। शुक्रवार को 134 श्रमिकों की सूची शासन में भेजी गई है। इसमें बिहार के सबसे ज्यादा करीब 90 श्रमिक है। इसके अलावा उत्तराखंड, पश्चित बंगाल के भी कई काम काम कर रहे हैं। इसके अलावा वेस्ट बंगाल में बरेली करीब 12 मजदूरों के फंसे होने की सूचना प्रशासन को मिली है। शासन से परमीशन मिलने के बाद प्रशासन इन सभी श्रमिकों को उनके घर भेजने की व्यवस्था कराएगा।

‘दूसरे प्रांतों में रहने वाले श्रमिकों का सर्वे कर इनकी सूचना हर दिन शासन को भेजी जा रही है। इन्हें किस तरह से वापस भेजना है। इस संबंध अभी कोई गाइड लाइंस नहीं मिली है।’

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- मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त

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