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स्ववित्त पोषित कॉलेजों में अब शिक्षकों को मिलेगा न्यूनतम 21.6 हजार का वेतन

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MJP Rohilkhand university
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति ने मंगलवार को बैठक में किया निर्धारण
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शासन स्तर से कोर्ट में दाखिल की जाएगी विश्वविद्यालयों की रिपोर्ट, तब लागू होगा नया वेतन

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए मंगलवार को न्यूनतम वेतनमान का निर्धारण कर दिया गया। कुलपति आवास पर हुई बैठक में स्ववित्त पोषित कॉलेजों के शिक्षकों को बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर न्यूनतम वेतन 21600 रुपये देने पर सहमति बनी। इसके अलावा ग्रुप सी के कर्मचारियों को नौ हजार और ग्रुप डी के कर्मचारियों को न्यूनतम आठ हजार रुपये वेतन देना तय किया गया।
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बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कॉलेज फीस की धनराशि का 75 फीसदी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वेतन के रूप में अनिवार्य रूप से देंगे। कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि विभिन्न महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित अनुभागों और स्ववित्त पोषित कॉलेजों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का निर्धारण कर दिया गया है। इस संबंध में गठित विश्वविद्यालय की कमेटी ने पूर्व में संबद्ध कॉलेजों से प्राप्त ब्योरे पर मंथन करने के बाद न्यूनतम वेतन का निर्धारण किया।

हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने दिया था निर्देश

स्ववित्त पोषित कॉलेजों और विषयों के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का निर्धारण करने का हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया था। इसके बाद शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों ने कमेटियां बनाकर इस मामले में कार्रवाई शुरू की। कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय अपनी रिपोर्ट अब शासन को भेजेगा इसका अन्य विश्वविद्यालयों की रिपोर्ट से मिलान करने के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसे हाईकोर्ट में दाखिल किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट गाइड लाइन जारी करेगा।

475 कॉलेजों की राय के आधार पर वेतन का निर्धारण

स्ववित्तपोषित कॉलेजों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन का निर्धारण करने के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से गठित कमेटी ने 25 और 26 अप्रैल को बरेली, बिजनौर, अमरोहा, पीलीभीत, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहांपुर, बदायूं, संभल आदि जिलों के करीब 475 कॉलेजों के प्राचार्यों और प्रबंधकों से बातचीत की थी। उनसे प्राप्त सूचनाओं और आंकड़ों के आधार पर न्यूनतम वेतन का निर्धारण किया गया है।

चार दिन पहले मेरठ विश्वविद्यालय ने किया था निर्धारण

चार दिन पहले मेरठ के चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने स्ववित्तपोषित कॉलेजों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन निर्धारित किया था। वहां भी न्यूनतम वेतन 21600 रुपये और 75 फीसदी फीस कर्मचारियों पर खर्च करने की बाध्यता रखी गई है।
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