माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाले छात्रों की कॉपियां पहली बार सभी छात्र देख सकेंगे। इसके लिए इंटरमीडिएट और हाईस्कूल में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले बीस-बीस छात्रों की कॉपियां परिषद अपनी वेबसाइट पर अपलोड करेगा। सभी डीआईओएस को आदेश जारी किए गए हैं कि जिले में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों की कॉपी अलग रखें। अब तक टॉपर्स की कॉपियां छात्रों को आसानी से देखने को नहीं मिलती थीं। सूचना के अधिकार कानून के तहत छात्र कॉपी देख सकते थे। माध्यमिक शिक्षा परिषद पहली बार कॉपी सार्वजनिक करने जा रहा है, ताकि बाकी छात्र उन कॉपियों को देखकर जान सकें कि टॉपर्स ने किस तरह से प्रश्न हल किए। प्रश्नपत्र हल करने का तरीका क्या अपनाया। डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि पहली बार इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की बीस-बीस कॉपियां यूपीएमएसपी की वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी। इसके निर्देश आ गए हैं।
मूल्यांकन में बेवजह न काटें अंक
मूल्यांकन स्टेप मार्किंग से होगा, यानी अगर छात्र आधा प्रश्न हल करता है तो भी परीक्षक उस जवाब को काटेगा नहीं, बल्कि उसी अनुसार अंक देगा। बोर्ड ने मूल्यांकन को लेकर निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी छात्र के बेवजह अंक न कांटे। गणित और विज्ञान की कॉपी पर कई बार परीक्षक बायीं साइड पर मूल्यांकन नहीं करता है। इस बाबत भी निर्देश जारी किए हैं कि अगर छात्र ने बायीं साइड पर लिखा है तो उसका भी मूल्यांकन करें। पांचों केंद्रों पर पर्यवेक्षक लगा दिए गए हैं। मूल्यांकन में गड़बड़ी मिलती है तो उसका जिम्मेदार डीएचई होगा। मूल्यांकन 17 मार्च से शुरू हो जाएगा। बरेली की कॉपियां बाहर भेज दी गई हैं और दूसरे जिलों की कॉपियां आने लगी हैं।