बरेली। डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नगर निगम ने अपने संपत्ति कर विभाग का कायाकल्प किया है। कर को सरल, पारदर्शी बनाने और कैशलेस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग का डिजिटलीकरण किया गया है। निगम ने निजी बैंक के साथ मिलकर बृहस्पतिवार को इसकी शुरुआत की है। अब घर बैठे ही लोग अपने मोबाइल और कंप्यूटर से कर जमा करने सहित संपत्ति से जुड़ी अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम की शुरुआत की है। इसके जरिये नागरिक विभिन्न यूपीआई एप, नेट बैंकिंग, क्रेडिट और डेबिट कार्ड जैसे ऑनलाइन विकल्पों से संपत्ति कर जमा कर पा रहे हैं। बड़े भुगतान और संस्थानों की सुविधा के लिए एनईएफटी और आरटीजीएस की सुविधा भी दी गई है। इसकी खासियत यह है कि भुगतान होते ही टैक्स की राशि तुरंत संबंधित बिल में अपडेट हो जाती है। जो लोग ऑनलाइन तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर पाते, उनके लिए नगर निगम अपने आउटसोर्स कर्मचारियों को 100 पीओएस मशीनें देकर घर-घर भेज रहा है। ये कर्मचारी अब लोगों के दरवाजे पर ही डिजिटल माध्यम से टैक्स जमा कर मौके पर ही रसीद भी उपलब्ध करा रहे हैं।
संपत्ति का म्यूटेशन भी ऑनलाइन
निगम ने संपत्ति के नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। ई-नगरसेवा पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब बिना कार्यालय आए म्यूटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं और घर बैठे ही अपने आवेदन की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं। जल्द ही गूगल पे पर नगर निगम की वेरिफाइड बिजनेस सेवा शुरू होगी। इससे लोग सीधे गूगल पे एप के जरिये टैक्स भर सकेंगे। व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा भी पाइपलाइन में है। इसके शुरू होते ही नागरिक व्हाट्सएप पर मेसेज भेजकर संपत्ति कर का विवरण, बकाया टैक्स की जानकारी और सीधे भुगतान की सुविधा पा सकेंगे। साथ ही, नॉन-टैक्स और अन्य सेवाओं के लिए एक सिंगल विंडो एप्लीकेशन विकसित की जा रही है। इससे विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन करने, फीस जमा करने और सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकेगी।