बरेली। जैसे-जैसे 31 मार्च नजदीक आ रही है वैसे-वैसे नगर निगम ने बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 1.37 करोड़ रुपये का बकाया होने पर नगर निगम ने बीएसए का खाता फ्रीज कर दिया। बिजली विभाग पर 65 करोड़ का बकाया है, लेकिन उसका बिल संशोधित हो रहा है। इसमें उन्होंने 20 करोड़ रुपये जमा करने का पत्र नगर निगम को दे दिया है।
नगर निगम को 31 मार्च तक 65 करोड़ रुपये कर के रूप में वसूलने हैं। 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर नगर निगम अब तक वसूल चुका है। लक्ष्य पूरा करने के लिए उसे करीब 15 करोड़ रुपये आगामी सात दिन में वसूलने हैंं। बीएसए विभाग पर 1.37 करोड़ रुपये का बकाया है। कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी जब विभाग ने कर जमा नहीं किया तो निगम ने बीएसए विभाग का खाता ही फ्रीज कर दिया। वन विभाग पर 1.98 करोड़ रुपये का कर है। इसमें से 26 लाख रुपये जमा कर दिए। पीडब्ल्यूडी पर 98 लाख रुपये है। विभाग ने जल्द ही कर को जमा करने का आश्वासन दिया है।
यहां बता दें कि छह करोड़ रुपये जमा न करने पर बरेली कॉलेज, एक करोड़ रुपये जमा न करने पर डीआईओएस का खाता व 60 करोड़ रुपये जमा न करने पर पॉवर कॉरपोरेशन का खाता नगर निगम करीब 15 दिन पूर्व फ्रीज कर चुका है।
अब होगी भवन सीज की कार्रवाई : ललतेश
कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना ने बताया कि होली के बार भवन सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। दो दिन पहले वह पुराने बस अड्डे पर रोडवेज के आरएम के यहां गए थे। रोडवेज पर नौ लाख का बकाया है। इस पर उन्होंने कार्यालय सीज करने की बात कही तो अधिकारियों में खलबली मच गई। इसके बाद शनिवार को एआरएम वीके वाजपेई नगर निगम कार्यालय पहुंचे। कर को कम करने के लिए कहा। मामला परिवहन निगम के एमडी तक पहुंचा, लेकिन अभी तक कर जमा नहीं हुआ। ललतेश सक्सेना का कहना है कि होली के बाद बड़े बकायेदारों के भवन सीज करने कार्रवाई की जाएगी।