अमर उजाला के बुधवार के अंक में प्रकाशित खबर।
फरीदपुर। नगर पालिका के खजुआ तालाब का सुंदरीकरण अब नक्शा संशोधन के बाद ही कराया जाएगा। बुधवार के अंक में अमर उजाला में यह खबर प्रकाशित हुई थी। खबर का संज्ञान लेने के बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार ने खजुआ तालाब के दुरुस्तीकरण का कार्य रुकवा दिया है। उन्होंने संबंधित बाबू को तालाब का नक्शा सही कराने के लिए निर्देश दिए हैं।
बरेली नेशनल हाईवे पर स्थित नगर पालिका का सरकारी तालाब खजुआ तालाब के नाम से जाना जाता है। यह तालाब लगभग सवा तेरह बीघा खतौनी में है। वहीं, तहसील प्रशासन के पास इस तालाब का जो नक्शा है, उसमें तालाब की कम आकृति है। नक्शे में लगभग 11 बीघा तालाब की आकृति है। खतौनी और नक्शे के मिलान से लगभग दो बीघा तालाब का रकबा काम है। हाईवे से लगा होने के कारण इस पर भूमाफियाओं की नजर बनी थी।
नगर पालिका ने इस तालाब का सुंदरीकरण कराने के लिए प्रस्ताव पास किया और उसका ठेका भी दे दिया। लगभग 36 लाख रुपये की लागत से इसका सुंदरीकरण होना था। काम शुरू करने के लिए नगर पालिका ने तहसील प्रशासन को तालाब की पैमाइश करा कर चौहद्दी कायम कराने के लिए पत्र लिखा। राजस्व टीम ने तालाब की पैमाइश की तो पता चला कि तालाब नक्शे में लगभग दो बीघा कम है।
तहसील प्रशासन ने पैमाइश कर नगर पालिका को नक्शा संशोधन कराने के बाद ही सुंदरीकरण कराने की हिदायत दी। तहसील प्रशासन के कई बार कहने के बाद भी नगर पालिका ने नक्शा संशोधन के लिए नहीं भेजा और तालाब के सुंदरीकरण का कार्य शुरू करने की तैयारी कर दी है। इससे छूटी हुई जमीन पर भूमाफिया कब्जा कर सकते थे, लेकिन अमर उजाला के बुधवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद इसके दुरुस्तीकरण के कार्य को रोक दिया गया है। संवाद