बरेली। हिस्ट्रीशीटर...नाम से ही लगता है कि यह काफी खूंखार किस्म का अपराधी होगा। आमतौर पर थानों के बोर्ड पर वहां के हिस्ट्रीशीटरों का नाम स्पष्ट शब्दों में लिखा रहता है। कई हिस्ट्रीशीटरों की दबंगई के किस्से भी आपने सुने होंगे, लेकिन जिले के कई हिस्ट्रीशीटरों ने अब अपराध की राह छोड़ दी है। खून की जगह वे पसीना बहा रहे हैं। आजीविका के लिए वे छोटे-मोटे काम कर रहे हैं। कोई ई-रिक्शा चला रहा है तो कोई टेंपो। लंबे समय से शांत रहने की वजह से अब पुलिस ने उनकी निगरानी भी बंद कर दी है।
कल्लू के ई-रिक्शा में दस रुपया सवारी
बहेड़ी गांव के गिरधरपुर निवासी कल्लू की उम्र 55 साल है। कल्लू के मुताबिक प्रधानी चुनाव की पार्टीबंदी उन दिनों चरम पर थी। दोनों ओर के लोग एक-दूसरे पर मुकदमे दर्ज करा रहे थे। इसी दौरान कल्लू व उसके साथियों पर कई मुकदमे हुए। वर्ष 1999 में उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। इसके बाद कल्लू ने झगड़े से तौबा कर ली। वह पिछले कई साल से ई-रिक्शा चलाकर परिवार पाल रहा है। उसका कहना है कि दस रुपये सवारी के हिसाब से दिनभर में गुजर-बसर लायक आमदनी हो जाती है।
नंदकिशोर ने टेंपो चलाया, अब बता रहा टाइल्स की खासियत
शेरगढ़ के मोहम्मदपुर निवासी 47 साल के नंदकिशोर की हिस्ट्रीशीट वर्ष 2010 में खोली गई थी। उसने स्वीकार किया कि गलत संगत में पड़कर शुरू में उसने खूब विवाद किए। परिवार के ही लोगों से रंजिश में कई मुकदमे हुए। दो बेटियां बड़ी हुईं तो जिम्मेदारी का अहसास हुआ। उसने टेंपो लिया और गांव से शेरगढ़ रोड पर चलाया। मेहनत करके बेटियों की शादी कर दी। अब नौ हजार रुपये में टाइल्स की दुकान पर काम करता है।
हिस्ट्रीशीट के बाद बंद की मिठाई की दुकान
बारादरी इलाके के नवादा शेखान निवासी विष्णु गुप्ता की मीरा की पैठ पर सराफा की दुकान है। विष्णु की पहले मिठाई की दुकान थी। इस दुकान पर सैंपल भरा गया तो बाद में खाद्य निगम की टीम ने मुकदमा करा दिया। इसी आधार पर वर्ष 2010 में विष्णु गुप्ता की हिस्ट्रीशीट खोली गई। इसके बाद विष्णु ने मिठाई की दुकान बंद कर दी। अब विष्णु हिस्ट्रीशीट खत्म कराने की कवायद में जुटा है। संवाद
जो भी हिस्ट्रीशीटर अपराध की राह छोड़कर अपना आचरण सुधारकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं, उनकी निगरानी नियमानुसार बंद की जा सकती है। इसके लिए ऐसे लोगो को अपने आचरण से यह प्रमाणित करना होता है कि वह समाज की मुख्यधारा में अपना जीवनयापन बिना अपराध में शामिल हुए कर रहे हैं। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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इन्फो :
बरेली जिले में कुल हिस्ट्रीशीटरों की संख्या- 2534
ए प्रकार के हिस्ट्रीशीटरों की संख्या -2258
बी प्रकार के हिस्ट्रीशीटरों की संख्या- 276
मृत हिस्ट्रीशीटरों की संख्या -10
ये भी जानें
- ए प्रकार की हिस्ट्रीशीट पशु चोरी, रेल कोच में चोरी, डकैती, सेंध लगाने वालों पर लगती है।
- बी प्रकार की हिस्ट्रीशीट अभ्यस्त अपराधी जैसे जहर देने वाले, रेल यात्रियों के माल की चोरी करने वाले, साइकिल चोर, जेबकतरे, धोखाधड़ी करने वाले, मादक पदार्थ तस्कर, कुख्यात बदमाश, शराब बनाने वालों लगती है। बी प्रकार की हिस्ट्रीशीट किसी दशा में बदली नहीं जाती।