अब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी विभागीय एनओसी बगैर भी विदेशों में सैर सपाटा कर सकेंगे। क्योंकि विदेश मंत्रालय ने आवेदन के साथ विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लगाने की अनिवार्यता खत्म कर दी है।
पासपोर्ट आवेदन के लिए विभागों से एनओसी मिलना आसान नहीं होता है, अक्सर इसमें कई आपत्तियां लग जाती हैं। इससे कर्मचारी विदेश में सैर सपाटा करने से वंचित रह जाते हैं। विदेश मंत्रालय ने उनके इस सपने को पूरा कर दिया है। इसके तहत पासपोर्ट जारी होना शुरू हो गए हैं।
गुरुवार दोपहर पीएसके में हुई प्रेसवार्ता में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी राम सिंह और सहायक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सरकारी कर्मचारी को पासपोर्ट पाने के लिए सिर्फ एनेग्जर एन भरना है। इसमें विभागीय एनसीओ लगाना जरूरी नहीं। अब नई व्यवस्था के तहत आवेदक अपने विभाग में पासपोर्ट आवेदन करने की लिखित सूचना मात्र देना है। इसकी प्रति आवेदन के साथ संलग्न करना होगी। ये औपचारिकता पूरी करने के उपरांत पासपोर्ट जारी हो जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है, जो लोग इंटरनेट सुविधा नहीं रखते हैं वे जन सुविधा केंद्र से फार्म भरवा सकते हैं। पासपोर्ट अफसरों ने बताया कि फार्म भरवाने के लिए किसी दलाल आदि से संपर्क नहीं करें। अफसरों ने बताया कि अगर आवेदक के पास मतदाता परिचय पत्र, पैनकार्ड और आधार कार्ड है तो उन्हें पुलिस वेरिफिकेशन बिना तत्काल पासपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे आवेदनकर्ता को एक एफिडेविट देना होगा कि उसके खिलाफ कोई अपराधिक मामला नहीं है। पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि स्टाफ की सक्रियता के चलते अब आवेदन लंबित नहीं हो रहे हैं। अब दूसरे दिन ही ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिल रहा है। स्थानीय पासपोर्ट सेवा केंद्र पर अब आवेदक को अधिकतम 40 मिनट तक ही रुकना पड़ता है। वार्ता में दिनेश कुमार और पीएसके प्रभारी ऋषि डबराल आदि मौजूद रहे।