ब्लॉक गोदाम की व्यवस्था खत्म, कोटेदार को भी देना होगा अनाज का हिसाब
बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी राशन दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचाने के लिए पहली अप्रैल से नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत कोटेदारों को अब सीधे भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से खाद्यान्न उपलब्ध कराएगा। ब्लॉक गोदाम की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) भंडारण के साथ ही अब खाद्यान्न वितरण क्षेत्र में भी काम करेगा। इसके तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी राशन दुकानों तक खाद्यान्न सप्लाई करने का काम सौंप दिया है। नई व्यवस्था पहली अप्रैल से प्रस्तावित है। इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होते ही ब्लॉक स्तर पर गोदाम से खाद्यान्न सप्लाई की व्यवस्था निष्प्रभावी हो जाएगी। खाद्य विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पहले एफसीआई के गोदाम से अनाज ब्लॉक स्तर के गोदाम तक जाता था। इसके बाद वहां से कोटेदारों तक पहुंचाया जाता था मगर अब सीधे कोटेदार तक अनाज पहुंचेगा। इससे सरकार का खर्च बचेगा। यही नहीं ब्लॉक गोदामों पर जो मार्केटिंग विभाग से कर्मचारी लगाए गए थे, उन्हें अब अन्य कार्यों में लगाया जाएगा।
‘कोटेदारों को अब सीधे भारतीय खाद्य निगम से खाद्यान वितरण किया जाएगा। यह व्यवस्था एक अप्रैल से प्रभावी होगी।’ - सुनील भारती, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
पहली अप्रैल से शुरू हो जाएगी गेहूं खरीद
बरेली। जिले में पहली अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था के तहत गेहूं खरीद शुरू कर दी जाएगी। सरकार ने गेहूं का मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। केंद्रों पर शत प्रतिशत किसानों का गेहूं खरीद की जाए, इसके निर्देश दिए गए हैं।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुनील भारती ने बताया कि विपणन शाखा जिले में कुल 37 क्रय केंद्र खोल रही है। किसानों से सीधी खरीद करने के लिए विभाग ने पारदर्शी व्यवस्था की है। पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये क्विंटल तय किया है। बीते वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये था। सरकार ने इस बार इसमें 50 रुपये की वृद्धि की है। भारती ने बताया कि जिले में एफसीआई, पीसीयू, पीसीफ, एसएफसी सहित कुल सात एजेंसियां गेहूं खरीद के लिए तय की गई हैं। किसानों से गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है। जितना भी गेहूं केंद्रों पर आएगा, खरीदा जाएगा। किसान अपना पंजीकरण खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट पर जनसुविधा केंद्र के जरिए या खुद भी कर सकते हैं। पंजीकरण एक मार्च से शुरू हो चुका है। ब्यूरो