विमुद्रीकरण के दौरान बरेली मंडल में 13 हजार से ज्यादा लोगों ने 1000 और 500 रुपये के प्रतिबंधित नोट अपने खातों में जमा कराए हैं। आयकर विभाग ने इन सभी को ई-मेल और एसएमएस से नोटिस थमाना शुरू कर दिया है। इससे प्रभावित लोगों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि ज्यादातर लोगों ने ई-मेल पता ही फर्जी बना रखा है।
टैक्स हेराफेरी करने के लिए फर्जी ई-मेल पता बनाने वाले नए विवाद में फंस गए हैं। क्योंकि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस बार सीधे बैंकों से सूचनाएं लेकर संबंधित खातेदारों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। जिन लोगों के ई-मेल पते नहीं थे उन्हेें एसएमएस और मैन्युअल सूचना देकर जवाब तलब किया गया है। इन लोगों ने दस नवंबर से तीस दिसंबर तक पांच लाख रुपये से ज्यादा मूल्य के प्रचलन से बाहर किए गए 1000 और 500 रुपये के नोट अपने खातों में जमा कराएं हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने पांच लाख रुपये से ज्यादा पुराने नोट जमा करने वालों से आय और नोट के स्रोत की जानकारी मांगी है।
नोटिस मिलना शुरू
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से जारी होने वाले नोटिस लोगों तक पहुंचना शुरू हो गए हैं, लेकिन कामचलाऊ ई-मेल पता बनाने वालों पर यह कार्रवाई भारी पड़ सकती है। इन लोगों ने अपने पुराने मामले निस्तारण के लिए जो ई-मेल पते बनाए उनका ब्योरा उनके पास नहीं है। ज्यादातर लोगों ने ई-मेल सीए के माध्यम से या कैफे से बनाए हैं।