अपराध पर नियंत्रण और पुलिस सेवाओं को बेहतर करने के लिए थानों में ग्रेडिंग सिस्टम शुरू किया जा रहा है । एडीजी क्राइम का आदेश मिलने के बाद आईजी ने सभी रेंज के डीआईजी और एसएसपी को तत्काल व्यवस्था लागू करने के लिए निर्देश दिए हैं। थानों में ग्रेडिंग को लेकर प्रोफार्मा भी भेजा जा रहा है।
आई जी विजय प्रकाश ने बताया कि एडीजी क्राइम ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। सभी नौ जिलों को तत्काल व्यवस्था लागू करने के लिए कहा गया है। हर महीने समीक्षा रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। जनपदों का एक अच्छा थाना और एक बुरा थाना चुना जाएगा। इस प्रयास के पीछे कोशिश है कि धीरे-धीरे जनपदों में सभी थानें अच्छी श्रेणी में ही चुने जाएं।
इस तरह भी होगी मार्किंग
- हत्या व बलवा रोकने के लिए पुरानी रंजिशों में 100 प्रतिशत लोगों को पाबंद करने पर 10 अंक ।
- 80 प्रतिशत तक लोगों को पाबंद करने पर 5 नंबर दिए जाएंगे।
-वारदात होने पर माइनस 10 अंक दिए जाएंगे।
-तीन साल के अपराधियों के डोजियर पर 5 अंक और नहीं तैयार करने पर माइनस 5 नंबर दिए जाएंगे।
- संगठित गिरोह और माफिया के खिलाफ एक्शन लेने पर एनएसएए, गैंगस्टर और कुर्की करने पर तीन-तीन अंक निर्धारित किए गए हैं।
- गुडवर्क करने के 3 नंबर निर्धारित किए गए हैं।
-महिलाओं के साथ छेड़खानी व रेप की वारदातों पर 45 दिनों में 100 प्रतिशत निस्तारण करने पर 10 नंबर, 45 से 60 दिनों में निस्तारण करने पर 5 नंबर और 60 दिन से अधिक होने पर माइनस 5 नंबर मिलेंगे।
-भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई करने, संपत्ति की नीलामी करने पर 2 नंबर और नीलामी नहीं करने पर 2 नंबर माइनस किए जाएंगे।
-अपराधों के पंजीकरण के मामले में एफआईआर नहीं लिखने पर माइनस 5 नंबर और वारदात को कम करके दिखाने पर माइनस 3 नंबर मिलेंगे।
-आरोपी की गिरफ्तारी करने पर 5 नंबर और आरोपियों की संख्या बढ़ने पर माइनस 5 नंबर।
-50 परसेंट से कम गवाहों को कोर्ट में पेश करने पर माइनस 5 नंबर और 60 से 75 परसेंट तक होने पर 5 नंबर।