आयकर विभाग ने सोमवार को एक गोष्ठी आयोजित कर बैंक और रजिस्ट्री समेत कई विभागों के अधिकारियों को विभाग के नए नियमाें की जानकारी दी। बताया गया कि तीस लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां और उनके लेनदेन में शामिल सभी लोगों को वर्ष में एक बार विवरण देना अनिवार्य कर दिया गया है। दस लाख रुपये अथवा इससे अधिक संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड देना होगा।
आयकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में बैंक अधिकारियाें को वित्तीय लेनदेन की नई जानकारियां दी गईं। आसूचना व आपराधिक आयकर अधिकारी एनपी सिंह ने स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस फाइलिंग विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बैंक में कोई व्यक्ति अपने बचत खातों में कुल दस लाख रुपये या अधिक जमा करता है अथवा अपने चालू खातों में 50 लाख रुपये या इससे अधिक जमा या निकासी करता है तो इसकी आन लाइन जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देनी होगी। गोष्ठी में मौजूद लोगों के सवालों के भी जवाब दिए गए।