बरेली। मई से अगस्त तक भीषण गर्मी में अंधाधुंध बिजली कटौती के बाद अब महीने भर तक लोगों को अनुरक्षण के नाम पर फिर से बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। विद्युत निगम 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक अनुरक्षण माह मनाएगा। इस दौरान जिले भर में क्षमता वृद्धि के साथ लाइनों की मरम्मत, लाइनें व ट्रांसफार्मर बदलने के काम किए जाएंगे।
इससे पहले फरवरी और मार्च में अनुरक्षण व क्षमता वृद्धि के काम किए गए थे। बावजूद जून-जुलाई में इस बार बिजली कटौती ने सभी रिकार्ड तोड़ दिए। किला, सुभाषनगर, मढ़ीनाथ, शाहदाना, सीबीगंज, कुतुबखाना उपकेंद्रों के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
दरअसल, शहर के चारों विद्युत वितरण खंडों में बिजनेस प्लान 2023-24 के काम भी अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। चारों खंडों में 100-100 करोड़ के काम प्रस्तावित हैं। इसके सापेक्ष अब तक 60-65 फीसदी काम ही हुए हैं। इस कारण 90 अभियंताओं के वेतन पर रोक भी लगी हुई है। संवाद
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कई पॉश इलाकों में शटडाउन, छह घंटे तक कटौती
कई पॉश इलाकों में लोगों को मंगलवार को छह घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। डीडीपुरम उपकेंद्र पर अनुरक्षण कार्य के कारण सुबह 10 से शाम चार बजे तक शटडाउन लिया गया। इस दौरान उपकेंद्र से पोषित मॉडल टाउन, शाहदाना कॉलोनी, कीर्ति नगर, रेजीडेंसी गार्डन, कौशांबी एन्क्लेव, स्टेडियम रोड, संजय नगर, मेगासिटी, सैनिक काॅलोनी, होली चौराहा, मोहल्ला भूड़, कानून गोयान, जाटवपुरा आदि इलाकों में आपूर्ति ठप रही।
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तीसरे दिन जारी हुआ अधीक्षण अभियंता के निलंबन का आदेश
बरेली। अधीक्षण अभियंता शहरी अंबा प्रसाद वशिष्ठ के निलंबन का आदेश तीसरे दिन मंगलवार को आ गया। इसके बाद उनसे चार्ज ले लिया गया है। 25 अक्तूबर को लखनऊ में समीक्षा बैठक में कार्य की धीमी प्रगति को लेकर विद्युत निगम के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान भी अधीक्षण अभियंता कई सवालों का जबाव नहीं दे सके। इसके चलते उनको निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश न आने के कारण स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। मंगलवार को उनका निलंबन आदेश पहुंच गया। हालांकि, निलंबन एक अक्तूबर को ही किया गया है। संवाद