जैविक जैसा दिखने वाला केमिकल अमरूद भी मार्केट में आ गया है। ठेले और फड़ विक्रेता केमिकल युक्त अमरूद शहर की फल मंडी में खुलेआम जैविक बताकर बेच रहे हैं। वजन और लंबाई में केमिकल अमरूद जैविक जैसा दिखने की वजह से ग्राहक भी नहीं समझ पा रहे कि वह कौन सा अमरूद जैविक मानकर खरीदें। केमिकल से पका अमरूद पेट और किडनी के मरीजों के अलावा सामान्य व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद नुकसानदायक है। इस अमरूद को खाने से पेट में अपच, गैस बनने से लेकर कई बीमारियों का खतरा है।
शहर के होम्योपैथिक चिकित्सक डा. विकास वर्मा पीलीभीत के खमरिया गांव में आर्गेनिक- होम्योपैथिक विधि से अमरूद की खेती करते हैं। इनके अमरूद के बाग में 500 से 900 ग्राम वजन का फल लगता है। आर्गेनिक अमरूद खाने में अमरूद और नाशपाती के मिश्रण स्वाद का होता है। आर्गेनिक अमरूद खाने से किसी तरह की बीमारी का खतरा नहीं। फल माफियाओं ने आर्गेनिक अमरूद की काट के लिए शहर की डेलापीर, कोहाड़ापीर, सौ फुटा रोड, आईवीआरआई, डीडीपुरम, शहामगंज मंडियों में केमिकल से पके अमरूद बिक रहे हैं। यह वजन में भी आर्गेनिक अमरूद के बराबर हैं। देखने में भी वैसे ही दिखते हैं। बस थोड़ा अंतर यह है कि केमिकल से पके अमरूद हरे दिखते हैं और खाने में स्वादिष्ट कम हैं। इनको दिल्ली की आजादपुर मंडी से लाकर बरेली में बेचा जाता है। हालांकि इस अमरूद का उत्पादन विदर्भ से होता है। इस अमरूद की बिक्री से मुनाफा अधिक है। फल मंडियों में केमिकल अमरूद को जैविक बताकर ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा है क्योंकि ग्राहक आर्गेनिक अमरूद पसंद करने लगे हैं।
पहचान (केमिकल अमरूद)
1- अप्राकृतिक हरा होता है
2- छोटे फोम में कवर्ड है
3-दिखने में आर्गेनिक जैसा लेकिन चिकना होता है
4- केमिकल अमरूद में कवर फल के साइज से बड़ा होता है।
पहचान - आर्गेनिक अमरूद
1- आर्गेनिक अमरूद पीला या हल्का हरा दिखता है
2- यह अमरूद बड़े फोम में कवर्ड है
3- 500 से 900 ग्राम वजन में उपलब्ध है
4- फल कवर के साथ बड़ा होता है।