बरेली। उत्तराखंड से उपखनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए दोहना और बहेड़ी टोल पर बनाए गए चेक प्वॉइंट से चार आबकारी निरीक्षकों समेत 47 अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर मिले हैं। डीएम ने 27 जनवरी को उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
खनन अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले से उपखनिजों से ओवरलोड ट्रक-डंपर बरेली आ रहे हैं। इंटरस्टेट ट्रांजिट पास के बिना ही उपखनिजों का परिवहन हो रहा है। इससे राजस्व की क्षति हो रही है। चेक प्वाॅइंट बनाए जाने के बाद अब इस पर काफी हद तक अंकुश लग गया है।
ये रहे ड्यूटी से गैरहाजिरआबकारी निरीक्षक त्रिभुवन सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, गिरीश कुमार व लखपत सिंह, जिला पंचायत के प्रशासनिक अधिकारी सतीश कुमार, सहायक राजस्व निरीक्षक हरिओम वर्मा, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एमटीएस (मल्टी टॉस्किंग स्टाॅफ) सहदेव सिंह चेक प्वाॅइंट पर गैरहाजिर पाए गए। सदर तहसील के कानूनगो ओमकार सिंह, ओमेंद्र पाल, संजीव सिंह, जगदीश सिंह, हरि प्रकाश, राजेंद्र गंगवार, मुकेश सक्सेना, रवि कांत, शिव कुमार को भी डीएम ने नोटिस जारी किया है। सदर तहसील के लेखपाल आकाश कुमार, वीरेंद्र शर्मा, प्रकाश उपाध्याय, सौरभ चौहान, अभिषेक आर्य, दिनेश शर्मा, सोमपाल पटेल, आदित्य दुबे, विनय मिश्र, विपिन पटेल, भूपेंद्र कुमार, राजीव कुमार, महेंद्र पाल, जय प्रकाश और मनोज कुमार, बहेड़ी तहसील के लेखपाल इमरान, कुलदीप सिंह व रामपाल शर्मा से भी जवाब तलब किया गया है।
डीएम ने दोहना और बहेड़ी टोल प्लाजा पर संग्रह अमीनों की भी ड्यूटी लगाई है। ये भी चेक प्वाॅइंट पर नहीं मिले हैं। इनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन अमीनों में सदर तहसील के राम प्रकाश, रईफे खान, जाकिर हुसैन, संजय कुमार, अशोक गंगवार, कस्तूरी लाल, नेत्रपाल सिंह, राजपाल, कमल कुमार, ओम प्रकाश, रवि सक्सेना और बहेड़ी तहसील के रामप्रकाश शामिल हैं।