बैंक ऑफ बड़ौदा को उद्योगपति के संपत्ति बंधक प्रपत्र लौटाने का आदेश
न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग प्रथम ने बैंक ऑफ बड़ौदा सिविल लाइंस बरेली को आदेश दिया है कि वह उद्योगपति उमेश नेमानी को उनके संपत्ति बंधक प्रपत्र एक सप्ताह के भीतर वापस करे। वहीं, उद्योगपति को भी श्योरिटी बॉन्ड का पालन करना होगा।
उमेश नेमानी ने बैंक ऑफ बड़ौदा से एमएसएमई के तहत ऋण के बदले सिविल लाइंस और औद्योगिक क्षेत्र परसाखेड़ा स्थित भूखंड व भवन के कागजात बैंक में जमा किए थे। बाद में उन्होंने बैंक का बकाया अदा कर ऋण खाता दूसरे बैंक में स्थानांतरित करा लिया। उन्होंने आयोग में दावा किया कि उन पर बैंक का बकाया नहीं है, बल्कि बैंक पर उनकी 3616052 रुपये की देनदारी है।
इसके बाद भी बैंक उनके बंधक संपत्ति प्रपत्र, अभिलेख वापस नहीं कर रहा। कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद बैंक को आदेश दिया कि वह सात दिन के अंदर अभिलेख आदि वापस करे। इसके बदले परिवादी भी 10 लाख की प्रतिभूति जमा करे। प्रतिवादी अभिलेखों का किसी प्रकार दुरुपयोग या संबंधित संपत्ति का क्रय-विक्रय नहीं करेगा।