रामगंगा नगर आवासीय योजना में भूखंड के पुराने 500 आवंटियों को बीडीए ने नोटिस जारी किया है। इसमें आवंटियाें से कहा गया है कि वे नई दरों पर बढ़ा मूल्य देकर अपने भूखंड की रजिस्ट्री कराकर उस पर कब्जा ले लें। अगर वे 1811 रुपये प्रति वर्ग की दर से भूखंड का बढ़ा मूल्य नहीं चुकाना चाहते तो नौ प्रतिशत ब्याज की दर से अपना पैसा वापस ले सकते हैं। 25 दिसंबर तक ऐसा नहीं करने पर आवंटियों की जमा किसी भी धनराशि पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा।
रामगंगा नगर आवासीय योजना में बीडीए ने वर्ष 2004 से 2015 तक 1050 से ज्यादा भूखंड आवंटित किए थे। इनमें जमीन अधिग्रहण न हो पाने के चलते अधिकांश आवंटियों को रजिस्ट्री कराने के बावजूद प्लाट पर कब्जे नहीं मिले। वर्ष 2015 में जमीन अधिग्रहण का मामला सुलझा। इसमें बीडीए को चार गुना मुआवजा देकर किसानों से जमीन खरीदनी पड़ी। अधिग्रहण के समय किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि कम थी। किसानों को जमीन अधिग्रहण का मुआवजा देने के लिए बीडीए ने सवा सौ करोड़ से ज्यादा का लोन बैंक से ले रखा है। चार गुना मुआवजे की धनराशि का बढ़ा हिस्सा आवंटियों से वसूला जा रहा है। तीन आवंटी बढ़ी धनराशि न देने को लेकर न्यायालय भी गए। वहीं, आवंटन से पूर्व शर्त में यह उल्लेख होने था कि अधिग्रहीत जमीन का बढ़ा मूल्य देने पर उनको भी ज्यादा धनराशि चुकानी होगी। इस वजह से उनको न्यायालय से राहत नहीं मिल पाई। बीडीए एक साल से एक-एक कर आवंटियों को नोटिस भेज रहा है। इसमें से बहुत से आवंटी बढ़ा मूल्य चुकाकर प्लाटों की रजिस्ट्री करा चुके हैं, लेकिन पांच सौ से ज्यादा आवंटियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई है। ऐसे आवंटियों को रजिस्ट्री कराकर भूखंड पर कब्जा लेने के लिए 25 दिसंबर की तारीख तय की गई है। इसके बाद आवंटी अपना पैसा वापस लेते हैं तो उनको ब्याज नहीं दिया जाएगा।
आवंटियों को एक साल से नोटिस भेजकर बढ़ा पैसा चुकाने को कहा जा रहा है। बहुत से आवंटी रजिस्ट्री कराकर प्लाटों पर कब्जा ले चुके हैं। आवंटियों को जमीन की कीमत बढ़ने की स्थिति में बढ़ा मूल्य चुकाने की शर्त है, इसलिए यह नियम संगत है। आवंटी तुरंत बढ़ा पैसा चुकाकर अपना प्लाट लें या फिर नौ प्रतिशत ब्याज समेत अपना पैसा बीडीए से वापस ले लें। अब रामगंगा नगर परियोजना को लंबे समय तक लटकाया नहीं जा सकता। - डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष, बीडीए